इस्लाम में “स्लाह”(तरक्की) चाहिए या पिछली सदी का वहशीपन? नसीरुद्दीन की तालिबान समर्थकों को फटकार!

हिंदुस्तान के सीनियर मुस्लिम कलाकार नसीरुद्दीन शाह अक्सर सांप्रदायिकता और धार्मिक कट्टरता से जुड़े विषयों पर चर्चित बयान देते हैं पिछले दिनों जहां उन्होंने मुसलमानों के पक्ष में कई बयान दिए जिसकी वजह से बाहर हिंदूवादी संगठनों के निशाने पर आए थे वही इस बार उन्होंने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए अफगानिस्तान में तालिबानियों को “वहशी” कहा है और यह भी कहा है कि तालिबानियों का समर्थन करने वाले भारतीय मुसलमानों का एक तबका जाने अनजाने में वहशीपन का समर्थन कर रहा है।

उन्होंने मुसलमानों को अपने दिल में झांकने की सलाह देते हुए एक सवाल किया है उन्होंने कहा है कि आपको तरक्की पसंद शांति और भाईचारे वाला इस्लाम चाहिए या पिछली सदी के वहशीपन के सिद्धांतों के पीछे चलना चाहते हैं।

इस संबंध में उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें उन्होंने अपनी बातों को स्पष्ट किया है वयोवृद्ध कलाकार नसीरुद्दीन कहते हैं कि वह हिंदुस्तानी मुसलमान है और मिर्जा गालिब के मुताबिक उनका रिश्ता अल्लाह से बेहद बे तकल्लुफ है उन्हें सियासी मजहब नहीं चाहिए वहां अल्लाह से खुद को सीधे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं ।

गौरतलब है कि पिछले दिनों हथियारों के बल पर आतंकी संगठन तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा कर लिया इस घटना को पूरी दुनिया में सभी वर्गों के प्रगतिशील और अमन पसंद लोगों ने चिंताजनक बताया है।

ब्यूरो रिपोर्ट द इंडियन ओपिनियन

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