खून के सौदागरों से होशियार, UPUMS मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर का रैकेट, STF ने दबोचा!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मिलावटी मानव रक्त पीआरबीसी की तस्करी करने वाले एक संगठित रैकेट के दो अहम सदस्यों को धर दबोचा है । चिंता की बात यह है कि इस रैकेट में सैफई स्थित उत्तर प्रदेश इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के असिस्टेंट प्रोफेसर एमबीबीएस एमडी डॉ अभय प्रताप सिंह भी शामिल थे यह वाकई शर्मनाक है कि उच्च शिक्षित चिकित्सक लाखों का वेतन पाने वाले डॉक्टर अभय प्रताप सिंह अधिक पैसों की लालच में मरीजों की सेहत से खिलवाड़ करने वाला अपराधिक काम कर रहे थे ।

एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के कई जनपदों और कई राज्यों से इस रैकेट के सदस्य जुड़े हुए हैं इनका आपराधिक नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है जहां ब्लड डोनेशन कैंप के जरिए मानव रक्त एकत्रित किया जाता है और उसमें सेलाइन वाटर मिलाकर रक्त की मात्रा को दोगुना करके धोखे से जरूरतमंद को ऊंची कीमत पर बेचा जाता है यूपी एसटीएफ ने 2018 में इस गिरोह के पांच सदस्यों को भारी मात्रा में मिलावटी मानव रक्त के साथ पकड़ा था तब से लगातार यूपी एसटीएफ के डिप्टी एसपी अमित कुमार नागर के नेतृत्व में एक टीम इस गिरोह के नेटवर्क के अन्य सदस्यों को दबोचने में जुटी हुई थी।

यूपी एसटीएफ की मेहनत का नतीजा इस कार्रवाई के रूप में सामने आया जब आज यूपी एसटीएफ की टीम ने डॉक्टर अभय प्रताप सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी और उनके सहयोगी अभिषेक पाठक नाम के व्यक्ति को 100 यूनिट मिलावटी मानव रक्त के पैकेट के साथ लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर धर दबोचा एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक यह एक बड़ा गिरोह है जो कि उत्तर प्रदेश राजस्थान हरियाणा पंजाब समेत कई राज्यों में सक्रिय है और ब्लड डोनेशन कैंप के जरिए विभिन्न संस्थाओं से सांठगांठ करके यह गिरोह मानव रक्त इकट्ठा करता है और उसमें आधे से भी ज्यादा सेलाइन वाटर मिलाकर रख की मात्रा को दोगुना करके उसे पैकेट में पैक करके अस्पतालों में शामिल अपने दलालों के जरिए ऊंची कीमत पर मरीजों को बेच देता है ।

इस बेहद खतरनाक आपराधिक कृत्य में मरीजों की जान भी खतरे में रहती है और शर्मनाक बात यह है कि बड़ी संख्या में अस्पताल चलाने वाले संचालक डॉ कर्मचारी भी इसमें शामिल है । यूपी एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक लखनऊ के अवध हॉस्पिटल वर्मा हॉस्पिटल काकोरी हॉस्पिटल समेत कई चर्चित अस्पतालों और निदान ब्लड बैंक में भी इस गिरोह के लोग संदिग्ध ब्लड की सप्लाई करते हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट द इंडियन ओपिनियन

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