डायबिटीज एक जानलेवा बीमारी है. अगर इसको नियंत्रण में नहीं रखा गया तो बुगतना पढ़ सकता है खमियाज़ा

डायबिटीज एक जानलेवा बीमारी है. अगर इसको नियंत्रण में नहीं रखा गया तो इसकी वजह से व्यक्ति को हार्ट अटैक, किडनी फेलियर, ब्रेन स्ट्रोक और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर जैसी जानलेवा स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है. व्यक्ति को अपने ब्लड शुगर लेवल की जांच नियमित रूप से करनी चाहिए. शरीर में ब्लड शुगर का घटना या बढ़ना दोनों ही खतरनाक होता है. ऐसे में नार्मल ब्लड शुगर लेवल क्या होना चाहिए ये जानना बहुत जरूरी है. चलिए जानते हैं कि उम्र के हिसाब से कितना ब्लड शुगर लेवल होना चाहिए.

उम्र के हिसाब से ब्लड शुगर कितना होना चाहिए?
उम्र के हिसाब से सामान्य ब्लड शुगर लेवल
आयु ब्लड शुगर रेंज (मिलीग्राम / डीएल)
0 से 5 वर्ष – 100 to 180 (मिलीग्राम / डीएल) (mg/dL)
6 से 9 वर्ष – 80 to 140 (मिलीग्राम / डीएल) (mg/dL)
10 साल और अधिक – 70 to 120 (मिलीग्राम / डीएल) (mg/dL)

टाइप-1 डायबिटीज में पैन्क्रियाज इंसुलिन का बिल्कुल उत्पादन नहीं करता जबकि टाइप-2 डायबिटीज में पैन्क्रियाज इंसुलिन का कम उत्पादन करता है। भारत में टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों की संख्या ज्यादा है। दोनों तरह की डायबिटीज के मरीजों को शुगर को कंट्रोल करने के लिए उसके बढ़ते और घटते स्तर की निगरानी करना जरूरी है। डायबिटीज के मरीजों को पता होना चाहिए कि फॉस्टिंग शुगर से लेकर डिनर तक उनके ब्लड में शुगर का स्तर कितना होना चाहिए।

डायबिटीज के मरीजों को शुगर के कम और बढ़ने का पता रहेगा तो वो उसे दवाईयों और खान-पान के जरिए कंट्रोल कर सकेंगे। आइए जानते हैं कि डायबिटीज के मरीजों के ब्लड में शुगर का स्तर फास्टिंग से लेकर डिनर तक कितना होना चाहिए।

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