प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का किया लोकार्पण।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एयरफोर्स के सुपर हरक्युलिस विमान से उतरे। वे पहले प्रधानमंत्री हैं जो हरक्युलिस से किसी एक्सप्रेस-वे पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि तीन साल पहले जब मैंने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था, तब मैंने ये नहीं सोचा था कि इस एक्सप्रेस-वे पर ही मैं विमान से उतरूंगा भी।
पीएम मोदी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर कहा कि पिछली सरकार ने मेरा साथ नहीं दिया था। तब के मुख्यमंत्री मेरे साथ खड़े होने में भी डरते थे। उन्हें वोट बैंक खिसकने का डर था। पिछले मुख्यमंत्रियों के लिए विकास वहीं तक सीमित था, जहां उनका घर था, लेकिन आज जितनी पश्चिम की पूछ है, उतनी ही पूर्वांचल के लिए भी प्राथमिकता है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे आज यूपी की इस खाई को पाट रहा है, यूपी को आपस में जोड़ रहा है।
पीएम ने कहा कि UP में हमने लंबा दौर, ऐसी सरकारों का देखा जिन्होंने कनेक्टिविटी की चिंता किए बिना ही औद्योगीकरण के सपने दिखाए। परिणाम ये हुआ कि जरूरी सुविधाओं के अभाव में यहां लगे अनेक कारखानों में ताले लग गए। ये भी दुर्भाग्य रहा कि दिल्ली और लखनऊ, दोनों ही जगह परिवारवादियों का ही दबदबा रहा। सुल्तानपुर के सपूत श्रीपति मिश्रा के साथ भी तो यही हुआ था, परिवारवादी लोगों ने उनका अपमान किया था, जिसे यूपी के लोग कभी नहीं भुला सकते हैं।


अगर कोई अपना घर बनाता है तो मिट्टी की जांच करता है, अन्य पहलुओं को देखता है। लेकिन पूर्व की सरकारों ने यहां बिना कनेक्टिविटी की जानकारी किए ही बस वादे कर दिए जिससे विकास कोसों दूर रहा। आज मैं देख रहा हूं कि कुछ लोग अपना आपा खो रहे हैं, विचलित हो रहे हैं, ये वही लोग हैं लोग अपने समय में सफल नहीं हुए तो योगी जी की सफलता देख कर परेशान हैं।
आज प्रदेश में विकास हो रहा है तो इसका सबसे अधिक लाभ हमारी बहनों-बेटियों को मिल रहा है। घर, बिजली पानी, शौचालय, रसोई गैस मिलने से उनको सबसे बड़ी परेशानी से छुटकारा मिला है।
पीएम ने कहा कि यहां कुछ देर में यहां से विमानों की गर्जना उन लोगों के लिए होगी जिन्होंने डिफेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर को दशकों तक नजरअंदाज किया। ये एक्सप्रेस-वे यूपी के विकास का एक्सप्रेस-वे है, यूपी के प्रगति का एक्सप्रेस-वे है, यूपी की मजबूत होती अर्थ व्यवस्था का एक्सप्रेस-वे है। ये एक्सप्रेस-वे यूपी की शान है, ये यूपी का कमाल है, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को यूपी की जनता को समर्पित करते हुए अपने आप को धन्य महसूस कर रहा हूं।


इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि गरीबों को पक्के घर मिलें, गरीबों के घर में शौचालय हों, महिलाओं को खुले में शौच के लिए बाहर ना जाना पड़े, सबके घर में बिजली हो, ऐसे कितने ही काम थे, जो यहां किए जाने जरूरी थे। लेकिन मुझे बहुत पीड़ा है, कि तब यूपी में जो सरकार थी, उसने मेरा साथ नहीं दिया। जिस तरह से यूपी में विकास हो रहा है उससे साफ है कि यूपी का भाग्य बदलना शुरू हो गया है। पहले कितनी बिजली कटौती होती थी, कौन भूल सकता है कि यूपी में कानून व्यवस्था की क्या हालत थी, यहां मेडिकल सुविधा की क्या व्यवस्था थी। पहले की सरकारों ने यूपी को ऐसा बना दिया था कि यहां राह नहीं होती थी, यहां राहजनी होती थी। यह भी एक सच्चाई है कि यूपी जैसे विशाल प्रदेश में एक शहर दूसरे शहर से दूर रहता था। पूर्वांचल के लोगों के लिए तो लखनऊ पहुचना भी महाभारत जीतने जैसा होता था।मुझे मालूम था कि जिस तरह तब की सरकार ने यूपी के लोगों के साथ नाइंसाफी की जा रही है, विकास में भेदभाव किया जा रहा है, जिस तरह सिर्फ अपने परिवार का हित साधा जा रहा है, यूपी के लोग ऐसा करने वाली सरकार को हमेशा-हमेशा के लिए यूपी के विकास के रास्ते से हटा देंगे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की विशेषता सिर्फ यही नहीं है कि यह 9 जनपदों को जोड़ेगा बल्कि यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ को उन शहरों से भी जोड़ेगा जहां विकास की असीम संभावनाएं हैं।
इससे पहले पीएम मोदी ने अवधी में अपनी शुरू की। कहा, जवने धरती पर हनुमानजी कालनेमि के बध किए रहय, ऊ धरती के लोगन के हम पांव लागित है। 1857 के लड़ाइन मा हियां के लोग अंग्रेजन का छट्‌ठी का दूध याद दिवाय दिहै रहै। कोयरीपुर के युद्ध भला के भुलाय सकत है। आज यह पावन धरती के पूर्वांचल एक्सप्रेस की सौगात मिलत बा। जिहके आप सभै बहुत दिनन से अगोरत रहीं। आप सबका बहुत बहुत बधाई। अवधी और भोजपुरी भाषा में ये शब्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हैं। इस तरह से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर 30 जिलों की 10 करोड़ आबादी को साधने की कोशिश की। साथ ही, कालनेमि राक्षस का जिक्र कर मोदी ने कांग्रेस को घेरा। इसके साथ ही अपने भाषण से कानून व्यवस्था और बिजली कटौती का हवाला देकर उन्होंने पूर्व की सपा सरकार पर भी तंज कसा।


आपको बता दें कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे यूपी का तीसरा रनवे वाला एक्सप्रेस-वे है, जहां लड़ाकू विमान लैंडिंग और टेक ऑफ कर सकेंगे। इससे पहले आगरा एक्सप्रेस-वे और यमुना एक्सप्रेस वे पर लड़ाकू विमान उतर चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल से लगभग 10 किलोमीटर का एरिया सुरक्षा घेरे में है।
सीएम योगी ने कहा कि आज से 3 साल पहले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास का कार्यक्रम हुआ था। पिछले 19 महीने से पूरी दुनिया कोविड महामारी का सामना कर रही है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का ही परिणाम है कि आज पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन संपन्न होने जा रहा है।पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे सिर्फ आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि पूर्वी यूपी जो आजादी के बाद से भौतिक विकास के मापदंडों को पूरा करने में विफल रहा था। उस पूर्वी यूपी को विकास की नई जीवन रेखा के रूप में स्थापित किए जाने वाले प्रयास का हिस्सा होगा। सीएम योगी ने पीएम मोदी को भगवान श्रीराम के मंदिर की मॉडल को भेंट किया। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सांसद मेनका गांधी मौजूद रहे।


टच एंड गो ऑपरेशन के तहत फाइटर प्लेन एक्सप्रेस-वे को टच करते हुए फिर उड़ान भरेंगे। एयर शो में सुखोई, मिराज, राफेल, एएन 32, सूर्यकिरण जैसे प्लेन शामिल रहेंगे। लखनऊ से गाजीपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण करीब पांच साल पहले शुरू हुआ था। इस एयर स्ट्रिप के बनने के बाद एक्सप्रेस वे पर 3-3 एयर स्ट्रिप वाला यूपी देश का पहला राज्य बन गया है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे देश की राजधानी दिल्ली को मथुरा, आगरा, लखनऊ, आजमगढ़ के रास्ते सीधे गाजीपुर से जोड़ेगा।भारतीय वायुसेना आगरा एक्सप्रेस-वे पर मिराज 2000, जगुआर, सुखोई-30 और सुपर हरक्युलिस जैसे जहाज सफलतापूर्वक उतार चुकी है।

रिपोर्ट आर डी अवस्थी

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