हरदोई:- खाद्य विभाग ने की छापेमारी, 7 नमूने भरे गए, खराब वस्तुओं को नष्ट कराया।

कछौना और बघौली में खाद्य सुरक्षा विभाग ने की छापेमारी

नवरात्रि व दशहरा त्यौहार के दृष्टिगत मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध अभियान चला

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आदेश व जिला अधिकारी अविनाश कुमार के द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में अभिहित अधिकारी सतीश कुमार के नेतृत्व में नवरात्रि व दशहरा त्यौहार के दृष्टिगत मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध एक अभियान चलाया गया।

अभियान के अंतर्गत कछौना स्थित राघवेंद्र गुप्ता की दुकान से नमकीन बिंदास व सरसों का तेल, अमित गुप्ता की दुकान से नमकीन श्रेया ब्रांड व आनंद कुमार की दुकान से लाली पाप छोटा भीम ब्रांड का नमूना संग्रहित किया गया। बघौली चौराहा स्थित राजेश की दुकान से मखाना रसगुल्ला ब्रांड सत्येंद्र कुमार की दुकान से कुट्टू का आटा तथा रविंद्र गुप्ता की दुकान से नमकीन तहलका ब्रांड का नमूना संग्रहित किया गया। कछौना स्थित केला पकाने के प्लांट की जांच की गई तथा पकाने हेतु रखा गया 4 कैरेट कटा दाग लगा दूषित केला को नष्ट करवाने के निर्देश दिए गए। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ए के पाठक, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजीत सिंह ,खुशीराम ,घनश्याम वर्मा, रामकिशोर व अनुराधा कुशवाहा तथा सुरक्षाकर्मी शामिल रहे। त्योहार तक जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।

आखिर क्या वजह रहती है कि खाद्य विभाग त्योहारों के समय ही जागता है, त्योहारों के समय ही नमूने संग्रहित करने के लिए क्यों छापेमारी की जाती है क्या यह प्रक्रिया समय समय पर नहीं कि जा सकती और यह प्रक्रिया समय समय पर की जाने लगे तो शायद खाद्य पदार्थों के द्वारा हमारे शरीर मे जाने वाला जहर रुक जाए व अस्पताल जाने से बच जाएं, तमाम ऐसे मरीज अस्पताल में आते हैं जिनको उनके खानपान से गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ता है और गंभीर बीमारियों के उत्पन्न होने से बहुत से लोगों ने अपने सगे संबंधियों को भी खो दिया है और यह सब केवल दूषित खाद्य पदार्थों की वजह से ही होता है, ऐसे में खाद्य विभाग की सतर्कता पर भी सवाल खड़े होते हैं कि आखिर ऐसी कार्यवाही त्योहारों के समय ही क्यों बाकी समय मे क्या दूषित खाद्य पदार्थ नहीं आता है बाजारों में।

हरदोई से शिवहरि दीक्षित की रिपोर्ट

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