ममताराज में हुए शिक्षक भर्ती घोटाला में हुआ खुलासा,बंगाल के मंत्री के करीबी के ठिकाने से मिला 20 करोड़ कैश

ममताराज में हुए शिक्षक भर्ती घोटाला में हुआ खुलासा,बंगाल के मंत्री के करीबी के ठिकाने से मिला 20 करोड़ कैश

शिक्षक भर्ती घोटाले में सबूत मिलने के बाद ममता बनर्जी सरकार के मंत्री को ईडी ने किया गिरफ्तार मचा सियासी हंगामा, देखिए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

ईमानदारी और सादगी का दिखावा करने वाली बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राज में नए-नए मामले सामने आ रहे हैं अपराध कानून व्यवस्था और हिंदू नेताओं की टारगेटेड किलिंग को लेकर जहां ममता बनर्जी विपक्ष के निशाने पर रहती हैं वही भ्रष्टाचार को लेकर भी उन्हें तगड़ा झटका लगा है ।

शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में 20 करोड़ नकदी बरामद होने के बाद ईडी ने ममता के एक मंत्री और कई करीबियों को गिरफ्तार किया है।
पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर उद्योग और वाणिज्य मंत्री पार्थ चटर्जी को ईडी ने गिरफ्तार किया है. पार्थ चटर्जी से करीब 26 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा ईडी ने उनकी एक करीबी अर्पिता मुखर्जी को भी हिरासत में लिया है.

प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को राज्य में कथित शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया.

अर्पिता मुखर्जी से 20 करोड़ रुपये बरामद किए जाने के कुछ घंटों बाद मंत्री की गिरफ्तारी की गई।
ईडी ने कहा की अर्पिता के परिसरों में छापेमारी के दौरान 20 करोड़ रुपये और 20 से अधिक मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं.

जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा, “उक्त राशि कथित एसएससी घोटाले के अपराध की आय होने का संदेह है.” पार्थ चटर्जी वर्तमान में उद्योग और वाणिज्य मंत्री हैं. जब कथित घोटाला हुआ तब उनके पास शिक्षा विभाग था.
नकदी की बरामदगी के बाद रात भर तृणमूल नेता से पूछताछ की गई. जांच एजेंसी ने करीब 26 घंटे की पूछताछ के बाद चटर्जी को गिरफ्तार किया. उनकी पूछताछ शुक्रवार सुबह शुरू हुई थी. गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया.

इसके अलावा, ईडी ने शिक्षा राज्य मंत्री परेश सी अधिकारी, पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य और अन्य के परिसरों सहित 11 स्थानों पर छापेमारी की. जिन अन्य लोगों पर छापा मारा गया उनमें पार्थ चटर्जी के ओएसडी पीके बंदोपाध्याय, उनके तत्कालीन निजी सचिव सुकांत आचार्य, चंदन मंडल उर्फ रंजन भी शामिल है जो कथित तौर पर शिक्षक की नौकरी देने के वादे पर पैसे लेता था.

शिक्षक भर्ती घोटाले में भ्रष्टाचार के आरोपों और बदनामी से घबराई तृणमूल कांग्रेस ने अर्पिता मुखर्जी से ये कहते हुए दूरी बना ली है कि उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है. टीएमसी महासचिव कुणाल घोष ने ट्वीट किया, “ईडी द्वारा बरामद धन का तृणमूल से कोई लेना-देना नहीं है. जिन लोगों का नाम इस जांच में है, यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे उनसे जुड़े सवालों का जवाब दें.”

बंगाल समेत पूरे देश के लोग यह सोच कर हैरान है कि आज के जमाने में कोई अपने घर पर इतना ज्यादा कैश नहीं रखता लेकिन ममता बनर्जी के मंत्री के करीबी के ठिकानों से इतनी बड़ी मात्रा में धनराशि बरामद होना 20 करोड़ कैश बरामद होना अपने आप में बड़े सवाल खड़े करता है ।

अब इस मामले में राजनीति भी तेज हो गई है बंगाल के स्पीकर बिमान बनर्जी ने कहा कि जांच एजेंसी को विधानसभा के किसी सदस्य को गिरफ्तार करने से पहले स्पीकर को सूचित करना चाहिए. उन्होंने कहा, “ईडी या सीबीआई, किसी भी सांसद या विधायक को गिरफ्तार करते समय लोकसभा या विधानसभा के अध्यक्ष को सूचित करती है. यह संवैधानिक मानदंड है, लेकिन मुझे चटर्जी की गिरफ्तारी के बारे में ईडी से कोई सूचना नहीं मिली.”

केंद्रीय मंत्री आर चंद्रशेखर ने कहा कि पश्चिम बंगाल के एक मंत्री के एक करीबी सहयोगी पर ईडी द्वारा छापेमारी के दौरान इतनी बड़ी राशि मिलना ये पश्चिम बंगाल में राजनीतिक भ्रष्टाचार के सुनियोजित गठजोड़ के बारे में बताता है. बीजेपी ने दावा किया है कि सीबीआई (CBI) और ईडी ठोस सबूतों के आधार पर(ED) सही रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं. वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इसे अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश बताया है।

ब्यूरो रिपोर्ट इंडियन ओपिनियन

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