BJP SP के लिए बड़ी चुनौती बाबू सिंह कुशवाहा की JAP, महोबा में आज बड़ी रैली!

कभी बहुजन समाज पार्टी की सरकार में मायावती के बाद सबसे प्रभावशाली नेता माने जाने वाले बाबू सिंह कुशवाहा ने जब से जन अधिकार पार्टी का गठन किया है तब से लगातार उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभाओं में दलित पिछड़े और अल्पसंख्यक मतदाताओं को पार्टी के मिशन से जोड़ने में लगे हुए हैं।

संविधान के निर्माता डॉ अंबेडकर के सिद्धांतों को समाज के कमजोर वर्गों के बीच प्रचारित करते हुए बाबू सिंह कुशवाहा ने “जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी का नारा दिया है” समान शिक्षा और सामाजिक समरसता की बात को धरातल पर लागू करने को प्राथमिकता पर लेते हुए जन अधिकार पार्टी तेजी से उत्तर प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में अपने संगठन को मजबूत कर रही है।

बाबू सिंह कुशवाहा ने प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में पार्टी की बड़ी मीटिंग और रैलियां भी शुरू कर दी है इसी क्रम में आज उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद में कबरई क्षेत्र में बाबू सिंह कुशवाहा की एक बड़ी जनसभा होनी है जिसके लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता समर्थक इकट्ठा हो रहे हैं ।

द इंडियन ओपिनियन से बात करते हुए पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा कहते हैं “सभी पार्टियां कमजोर वर्गों के कल्याण की बात करती हैं लेकिन सिर्फ बात करती हैं धरातल पर यह काम नहीं हो रहा है जबकि संविधान ने यह मंशा स्पष्ट प्रकट की है कि सभी कमजोर लोगों को विकास के अवसरों में समानता उपलब्ध कराई जाए समान शिक्षा और कमजोर के सशक्तिकरण की व्यवस्था धरातल पर लागू करने के बाद ही संविधान निर्माताओं के सपने पूरे हो सकते हैं और जन अधिकार पार्टी का यही मिशन है जो संविधान के उद्देश्य हैं।”

बाबू सिंह कुशवाहा के लाखों कार्यकर्ता प्रदेश की 403 विधानसभाओं में सक्रिय हैं उनका दावा है कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में उनका संगठन बन चुका है और कम से कम 300 सीटों पर स्वयं उनकी पार्टी अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है । दलित पिछड़े मौर्य कुशवाहा सैनी शाक्य समाज के साथ-साथ मुस्लिम समाज और सामान्य वर्गों के गरीब तबकों में भी उनकी पार्टी अपनी पकड़ बना रही है बाबू सिंह कुशवाहा का मानना है कि सपा भाजपा और बसपा जैसे दलों ने पिछड़ों गरीबों दलितों के कल्याण की बात की लेकिन काम नहीं किया इसलिए इस बार उनकी पार्टी इन दलों को जनता के बीच बेनकाब कर रही है और बड़ी संख्या में इन दलों से जुड़े कार्यकर्ता और समर्थक जन अधिकार पार्टी से जुड़ रहे हैं। जाहिर सी बात है कि प्रदेश की सैकड़ों सीटों पर जन अधिकार पार्टी इन दोनों को नुकसान पहुंचाएगी।

द इंडियन ओपिनियन, लखनऊ

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