CBI जांच के चलते मठ बाघम्बरी में पंच परमेश्वरो की बैठक में कोई निर्णय नही।

प्रयागराज : अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर संत-समाज में काफी नाराजगी है। गुरूवार को निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने श्री मठ बाघंबरी गद्दी में पंच परमेश्वरों के साथ बैठक की। कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि बैठक में महंत के उत्तराधिकारी के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है क्योंकि जांच सीबीआई को सौंप दी गई है।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरि महाराज जी कभी कोई पत्र नहीं लिखते थे। उन्होंने जो पत्र लिखा है उसकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। फॉरेंसिक जांच से बात सामने आएगी। उन्होंने कहा कि हो सकता है महाराज जी ने पत्र लिखा हो लेकिन वह कभी पत्र नहीं लिखते थे। अब पूरा घटनाक्रम सीबीआई को चला गया है। इसलिए जांच के तथ्यों और उसके बारे में कुछ भी बोलना ठीक नहीं है।

कैलाशानंद ब्रह्मचारी जी ने कहा कि अगर महंत नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट सही होगी तो तो गद्दी को लेकर कोई विवाद नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर वसीयत सही है बलवीर गिरी को ही गद्दी देने की बात लिखी होगी तो उन्हें ही मिलेगी। उन्होंने कहा है कि बलवीर गिरी भी उनके अखाड़े का उनका शिष्य हैं इसलिए कोई अखाड़े का ही व्यक्ति इस गद्दी पर बैठेगा। उन्होंने कहा है कि उत्तराधिकारी को लेकर कोई विवाद नहीं है, आगे भी नहीं होगा क्योंकि सीबीआई जांच हो रही है।

रिपोर्ट – मनीष वर्मा, प्रयागराज

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