धनोखर चक्रतीर्थ: रंजीत के प्रयास से बाराबंकी की सांस्कृतिक विरासत का नवीन अलंकार!

सीतापुर के पौराणिक नैमिषारण्य तीर्थ के पवित्र कुंड “चक्रतीर्थ” का नाम दुनिया भर में भारतीय संस्कृति से जुड़े लोग जानते हैं वह दिव्य स्थल सीतापुर का ही नहीं वरन देश के बड़े सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों में से एक है।

बदहाल धार्मिक सरोवर को लेकर चिंतित थे रंजीत बहादुर:

सीतापुर जनपद से बाराबंकी के पूर्व नगरपालिका चेयरमैन और वर्तमान चेयरमैन शशि श्रीवास्तव के पतिदेव रंजीत बहादुर श्रीवास्तव का गहरा नाता है । जब वह पहली बार चेयरमैन हुए थे तभी से बाराबंकी नगर के मध्य स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर भनोखर मंदिर के पृष्ठ भाग में स्थित सरोवर की दुर्दशा को दूर करने का उन्होंने जनता को वचन दिया था उनके कार्यकाल में ही इसको लेकर कार्यवाही शुरू हो गई थी । अतिक्रमण को हटा कर धर्मस्थल के सरोवर को गंदगी और कूड़े से मुक्त करा कर रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने तत्कालीन सरकार के सहयोग से वहां चक्रतीर्थ की स्थापना की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का प्रयास किया था ।

भव्य कार्यक्रम में सांस्कृतिक गौरव की पुनर्स्थापना:

रविवार को हुए एक भव्य कार्यक्रम में यह प्रयास नगर वासियों को साकार होता दिखाई पड़ा जब प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा सांसद उपेंद्र सिंह रावत और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में नगर पालिका अध्यक्षा श्रीमती शशि श्रीवास्तव और उनके पति रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने कभी बदहाल रहे धरोहर सरोवर के भव्य स्वरूप को सामने रखा ।

पौराणिक मान्यताओं से परिपूर्ण रहा आयोजन:

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ही विशिष्ट अतिथियों ने चक्र प्रहार से सरोवर में जलावरण की परंपरा का निर्वहन किया और इसी के साथ बाराबंकी जनपद के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक श्रेष्ठता ने आधुनिक काल में भी नई श्रेष्ठता को हासिल किया ।

धार्मिक पर्यटन नगर सौंदर्य और आर्थिक विकास में भी होगी वृद्धि:

पूर्व चेयरमैन रंजीत बहादुर श्रीवास्तव बताते हैं कि कुछ दशकों पहले तक धरोहर सरोवर जनपद का एक पवित्र धार्मिक स्थल हुआ करता था जहां विभिन्न अवसरों पर लोग स्नान करके बजरंगबली हनुमान के मंदिर में पूजा करते थे और शिव जी का जलाभिषेक करते थे विगत दशकों में समाज और सरकारी तंत्र की उदासीनता के चलते पवित्र सरोवर गंदगी और अतिक्रमण का शिकार हो गया था । रंजीत बताते हैं कि चेयरमैन बनते ही उन्होंने इसके कायाकल्प का संकल्प लिया और सभी दलों और विचारधाराओं के लोगों का उन्हें सहयोग भी मिला जिसके चलते उनका परिश्रम सफल हो सका वह कहते हैं कि उन्हें इस बात का संतोष है कि जनता ने उन्हें शक्ति प्रदान की तो उन्होंने भी जनता के लिए जो संकल्प लिया उसे लगभग पूरा करके ही दिखाएगा ।

शीघ्र ही धनोखर सरोवर अपने भव्य रूप में दिखाई पड़ेगा और यहां का चक्रतीर्थ धार्मिक पर्यटन का एक नया केंद्र बनेगा जिसे ना सिर्फ जनपद का गौरव बढ़ेगा बल्कि यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने से और व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। वह इस संकल्प की सिद्धि के लिए अपनी पत्नी वर्तमान चेयरमैन शशि श्रीवास्तव ,भारतीय जनता पार्टी के समस्त नेताओं जिला प्रशासन के साथ साथ पूर्व और वर्तमान सरकार के पदाधिकारियों को भी धन्यवाद देते हैं।

द इंडियन ओपिनियन, बाराबंकी

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