सुप्रीम कोर्ट में बिलकिस बानो रेप के आरोपियों की रिहाई के खिलाफ गुरुवार को की गई सुनवाई-

CJI एनवी रमना के सामने दोषियों के वकील ने जब यह दलील दी कि हम इस मामले में पार्टी नहीं हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एनवी रमना, जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने राज्य को नोटिस जारी किया और यह भी निर्देश दिया कि 11 दोषियों को पक्षकार बनाया जाए। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि उसे इस बात पर विचार करना है कि क्या गुजरात के नियमों के तहत दोषी छूट के हकदार हैं और क्या इस मामले में छूट देते समय दिमागी कसरत की गई थी?

कोर्ट ने दोषियों की रिहाई को लेकर गुजरात सरकार को नोटिस भेजा है। मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद की जाएगी।बिलकिस और शमीम भागने की कोशिश में थीं। शमीम ने बच्चे को जन्म दिया। लोगों ने जब इन दोनों को देखा तो कहा कि इन्हें मारो। 3 साल के बच्चे का सिर जमीन पर पटक दिया गया। गर्भवती का रेप किया।

जनवरी 2008 में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने 13 आरोपियों को दोषी ठहराया था, जिनमें से 11 को सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात राज्य को बानो को 50 लाख रुपए मुआवजा प्रदान करने का भी निर्देश दिया था।

 

ब्यूरो रिपोर्ट ‘द इंडियन ओपिनियन’

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