संगीत जगत को एक और बड़ा आघात। लोकप्रिय फिल्मी गायक भूपिंदर सिंह ने दुनिया को कहा अलविदा-

बॉलीवुड के महान गायक रहे भूपिंदर सिंह का निधन हो गया है। वह 82 साल के थे। भूपिंदर सिंह की पत्नी मिताली सिंह ने इस खबर की पुष्टि की है। मिताली ने बताया कि भूपिंदर काफी समय से स्वास्थ सम्बन्धी समस्यओं से जूझ रहे थे। उन्हें काफी सारी परेशानियां थीं, जिसमें मूत्र रोग भी शामिल था। भूपिंदर सिंह के जाने में बाद बॉलीवुड संगीत उद्योग और उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर व्याप्त हो गई है।

कई फिल्मी और राजनैतिक हस्तियों ने जताया शोक

फिल्मी हस्तियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके प्रशंसकों और अन्य ने भूपिंदर सिंह के निधन पर शोक जताया है । संगीतकार और गायक विशाल डडलानी ने ट्वीट किया, ‘भूपिंदर जी की याद में. काफी काव्यात्मक बात है कि उन्होंने लता जी को फॉलो किया. जैसे नाम गुम जाएगा गाने में किया था. उनकी आवाज ही पहचान है और हमेशा याद रहेगी.’

पिता के कड़े अनुशासन के चलते होने लगी थी संगीत से चिढ़

बचपन से किशोरावस्था की ओर बढ़ रहे भूपिंदर सिंह को सख्त मिजाज गुरु और अपने पिता नत्था सिंह के कठोर अनुशासन की वजह से संगीत से चिढ़ भी होने लगी थी।

बताते हैं जब उनके पिताजी उन्हें संगीत सिखाते थे तो बहुत मारते थे और इसी मार के चलते भूपिंदर सिंह को संगीत से परहेज़ था।

लेकिन क़िस्मत से शायद ही कोई भाग पाया है, भूपिंदर भी नहीं भाग पाए। बाद में उनको संगीत से ऐसा लगाव हुआ और सांसों में एहसासों की खुशबू इस कदर घुल गई की उनकी आवाज का असर आने वाली कई पीढ़ियों तक छाया रहेगा।

‘नाम गुम जाएगा…’, ‘बीती न बिताई रैना…’, ‘दिल ढूंढता है…’, ‘करोगे याद तो हर बात याद आएगी…’ जैसे कई नायाब गानों के गायक भूपिंदर के करियर में भले ही बस गिनती के बॉलीवुड गाने हैं, लेकिन आज भी वो गाने सभी संगीतप्रेमियों के मनपंसद गानों की लिस्ट में मौजूद रहते हैं।

वर्ष 2022 संगीत जगत के लिए अच्छा साबित नही हो रहा है। लता जी, पंडित शिव कुमार शर्मा, पण्डित बिरजू महाराज और अब भूपिंदर सिंह, एक एक कर हमारा साथ छोड़ गए हैं। बहुत मुश्किल होगा किसी और को उनकी जगह दे पाना । इसमें कोई शक नहीं कि भूपिंदर सिंह की आवाज़ ही उनकी पहचान है जिसको भुला पाना बहुत मुश्किल होगा।

रिपोर्ट – विकास चन्द्र अग्रवाल

‘द इंडियन ओपिनियन’

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