भारत-जापान की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर चीन ने जताई नाराजगी, कहा- आपसी सहयोग में किसी तीसरे देश को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

भारत और जापान के बीच लगातार मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी पर चीन की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। दोनों देशों के बढ़ते सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के बीच चीन ने कहा है कि किसी भी दो देशों के बीच आपसी सहयोग का उद्देश्य किसी तीसरे देश को निशाना बनाना नहीं होना चाहिए। बीजिंग के इस बयान को भारत-जापान की बढ़ती नजदीकियों को लेकर उसकी चिंता से जोड़कर देखा जा रहा है।

भारत और जापान लंबे समय से रक्षा, व्यापार, तकनीक, निवेश, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बैठकों और रणनीतिक संवादों ने रिश्तों को नई मजबूती दी है। खासतौर पर क्षेत्रीय सुरक्षा और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर दोनों देशों की समान सोच चीन के लिए चिंता का विषय मानी जाती रही है।

चीन का कहना है कि देशों के बीच सहयोग शांति, स्थिरता और क्षेत्रीय विकास के लिए होना चाहिए, न कि किसी अन्य देश के खिलाफ गठजोड़ के रूप में। हालांकि भारत और जापान अपने संबंधों को साझा हितों, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय स्थिरता पर आधारित बताते रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक एशिया में बदलते शक्ति संतुलन के बीच भारत-जापान की मजबूत साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में चीन की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को चर्चा में ला दिया है।