ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव की शुरुआत, सरकार ने निजी कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए; पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होगा संचालन व विकास

ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव की दिशा में सरकार ने छह जल विद्युत परियोजनाओं को निजी क्षेत्र को लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन परियोजनाओं के संचालन, रखरखाव और आधुनिकीकरण के लिए 42 वर्षों की लीज अवधि तय की गई है। इसके लिए संबंधित विभाग ने टेंडर जारी कर दिए हैं, जिसके माध्यम से निजी कंपनियों को प्रस्ताव जमा करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
इन जल विद्युत परियोजनाओं का उद्देश्य बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाना, जल संसाधन प्रबंधन को बेहतर करना और बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर बनाना है। सरकार का मानना है कि निजी क्षेत्र की तकनीकी दक्षता व प्रबंधन क्षमता से इन परियोजनाओं की उत्पादकता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
अधिकारियों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और बोली लगाने वाली कंपनियों का चयन वित्तीय क्षमता, तकनीकी अनुभव और परियोजना संचालन की योग्यता के आधार पर किया जाएगा। निजी कंपनियों को परियोजनाओं के विकास, सुरक्षा, पर्यावरण मानकों और स्थानीय रोजगार सृजन का भी पालन करना होगा।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से राज्य को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ होगा और बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। वहीं उपभोक्ताओं को भविष्य में अधिक स्थिर और गुणवत्ता वाली बिजली उपलब्ध होने की उम्मीद है।