

अब केंद्रीय बजट आया है तो शिवपाल यादव ने अपने समर्थकों में संदेश देने के लिए एक बार फिर केंद्र सरकार की आलोचना की है। केंद्रीय बजट 2020 प्रतिक्रिया देते हुए शिवपाल यादव ने बयान जारी करते हुए कहा है कि, केंद्रीय बजट 2020 में एक बार फिर गांव और गरीब की उपेक्षा हुई है किसानों व नौजवानों की यह एक निराशा पूर्ण बजट है पिछड़े व अल्पसंख्यक समाज की महिलाओं के लिए बजट में अलग से कोई प्रावधान नहीं है देश के बदहाल आर्थिक सेहत को सुधारने में यह बजट ना काफी है।

वैसे तो शिवपाल यादव कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ईमानदार और कर्मठ बता चुके हैं लेकिन जब सरकार की कार्यशैली की बात होती है तो वह अपने सियासी फायदों को देखते हुए यूपी सरकार और केंद्र सरकार की आलोचना जरूर कर देते हैं।

शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी से अलग होने के बाद प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाई है और उनकी पार्टी का कार्यालय इस समय लखनऊ के बड़े सरकारी बंगले में संचालित हो रहा है जिसे खास तौर पर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी दोस्ती के दम पर हासिल किया।

शिवपाल यादव अघोषित तौर पर अपने भतीजे अखिलेश यादव के जिद्दी स्वभाव से दुखी और नाराज रहते हैं उनके और अखिलेश यादव के बीच मतभेद होने की वजह से ही उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़ी थी।
हालांकि शिवपाल के नाराज होने का खामियाजा समाजवादी पार्टी को विधानसभा चुनाव और उसके बाद लोकसभा चुनाव में भी नुकसान उठाना पड़ा था।