
मुज्जफरनगर। मेरठ की सरधना विधान सभा सीट से बीजेपी विधायक संगीत सोम पर 2013 दंगे से पहले कवाल कांड को लेकर दर्ज हुए मुकदमे में बड़ी राहत मिली है । मुज़फ्फरनगर कोर्ट ने उनके ऊपर दर्ज मुकदमा समाप्त कर दिया है।
दरअसल केस में वादी तत्कालीन एएसआई सुबोध सिंह की बुलन्दशहर हिंस्सा में मौत हो चुकी है। अब इस मामले में पैरोकार ने 6 मार्च को मामले में एफआर लगते हुए कोर्ट में वादी का मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल किया था। जिसके बाद एडीजे 5 कोर्ट ने एफआर को स्वीकारते हुए साक्ष्य के आभाव और पैरोकार के बयान के आधार पर संगीत सोम का मुकदमा समाप्त कर दिया है ।

इस मामले की जानकारी देते हुए शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि , देखिए मुकदमा वापसी जैसी बात बिल्कुल निराधार हैं, 2013 में माननीय विधायक संगीत सोम के विरुद्ध थाना कोतवाली के अंतर्गत एक मामला धारा 153A,420,120B व 66 IPC के तहत पंजीकृत कराया गया था , इसमें पुलिस ने गहन विवेचना की कोई साक्ष्य ना मिलने के आधार पर इसमें पुलिस ने अंतिम एफ़ आर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत की थी, इसी बीच वादी सुबोध कुमार ठाकुर की मृत्यु बुलंदशहर एक दंगे के दौरान हो गई थी , जिसके बाद पैरोकार ने जो मृत्यु रिपोर्ट दाखिल की थी, इस मृत्यु रिपोर्ट के आधार पर और पैरोकार के बयान के आधार पर माननीय न्यायालय ने अंतिम रिपोर्ट स्वीकार कर ली है,और उसी आधार पर यह मुकदमा समाप्त कर दिया है।

यह वायरल वीडियो 2013 का है, पुलिस ने इस मामले में बहुत गहन विवेचना की है, कोई साक्ष्य माननीय विधायक के विरुद्ध नहीं पाया गया, पुलिस ने पूरी विवेचना के बाद FR प्रस्तुत की थी, और जिसे न्यायालय ने इसे स्वीकार कर लिया है, ये बेहद सामान्य प्रक्रिया है।
यह मामला 2013 से लगभग 8 सालों से विवेचना के दौरान माननीय न्यायालय के समक्ष पेंडिंग रहा जिसका निस्तारण किया गया।
रिपोर्ट- संजीव कुमार