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आखिर क्यों SSP अभिषेक दीक्षित से नाराज हुए योगी जी, 3 माह में ही कर दिया निलंबित!

एक तरफ उत्तर प्रदेश के अधिकारी कोविड-19 की चुनौती की वजह से काफी मानसिक तनाव में है, और संक्रमण का खतरा उठाते हुए अधिकारी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अधिकारियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाए हुए हैं।

  प्रयागराज के एसएसपी अभिषेक दीक्षित को संदिग्ध परिस्थितियों में निलंबित कर दिया गया है उनकी तैनाती लगभग 3 महीने पहले हुई थी। लोगों के दिल में बड़े सवाल उठ रहे हैं कि मात्र 3 महीने के कार्यकाल में ही प्रयागराज के एसएसपी अभिषेक दीक्षित को क्यों निलंबित कर दिया गया ?

अभिषेक दिक्षित की छवि अच्छी मानी जाती है उनकी गिनती उत्तर प्रदेश के बेहतर आईपीएस अफसरों में होती है फिर भी योगी सरकार आईपीएस अभिषेक दिक्षित से क्यों नाराज हो गई यह एक बड़ा सवाल है।

हालांकि गृह विभाग के द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि प्रयागराज के एसएसपी के ऊपर भ्रष्टाचार अनुशासनहीनता और शासन के निर्देशों के उल्लंघन के आरोप हैं कोई भी आरोप स्पष्ट तौर पर नहीं बताया गया है ज्यादातर आरोप उसी तरह के हैं जो आम तौर पर लगभग सभी अफसरों के लिए कहे जाते हैं।

लेकिन कोई ऐसी बड़ी वजह है जिसे सामने नहीं लाया गया है लेकिन जिसके चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज के एसएसपी से काफी नाराज थे। प्रयागराज के एसएसपी पर यह आरोप लगाया गया कि उनके कार्यकाल में वहां भ्रष्टाचार अनुशासनहीनता में बढ़ोतरी हुई सोशल डिस्टेंसिंग का गंभीरता से पालन नहीं कराया गया अपराधिक घटनाओं को लेकर गंभीरता नहीं बरती गई और लंबित विवेचना  के निस्तारण पर ध्यान नहीं दिया गया।

एसएसपी प्रयागराज पर कोई विशेष आरोप अभी तक मीडिया के संज्ञान में नहीं आया गृह विभाग के प्रेस नोट में जिन आरोपों की चर्चा की गई है अमूमन उस तरह के आरोप लगभग अधिकांश अफसरों के में लोगों की जुबान पर रहते हैं।

गृह विभाग ने किसी भी आरोप का स्पष्ट विवरण प्रेस नोट में नहीं दिया हैl जिसने भी हैरान है कि अभिषेक दीक्षित को मात्र 3 महीने पहले ही प्रयागराज में तैनात किया गया था।

प्रयागराज से मनीष वर्मा की रिपोर्ट।

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