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जन्मदिन विशेष: संघर्षों और साहस की कहानी! नमो @70

पूरा देश आज पीएम मोदी का जन्मदिन मना रहा है। पीएम मोदी ऐसी शख्सियत हैं, जिन्हें देश क्या विदेश में भी बच्चा बच्चा जानता है। 17 सितंबर 1950 में वडनगर के गुजराती परिवार में इनका जन्म हुआ था। इनका पूरा नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी है। राजनीति में कदम रखने से पहले ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य के रुप में कार्य किया करते थे। जिसके बाद ये आगे बीजेपी पार्टी के कार्यकर्ता के रुप में अपनी राजनैतिक दौर की शुरुआत किये।

पीएम मोदी का जन्म गुजरात के मेहसाना जिले के वडनगर के एक गुजरती परिवार में हुआ था। इनके चार भाई और एक बहन हैं। अपने माता पिता के ये तीसरी संतान हैं। इनकी शुरूआती शिक्षा स्थानीय स्कूल से पूरी हुई थी। जहां इन्होनें अपनी हायर सेकेंडरी की पढाई पूरी की थी। इनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इनके पिता रेलवे और सड़कों पर चाय बेचा करते थे। मोदी भी अपने परिवार के पालन पोषण के लिए बहुत दिनों तक रेलवे स्टेशनों पर चाय बेचने का काम किया। इनका शुरूआती जीवन बहुत ही ज्यादा संघर्ष भरा रहा। इनका विवाह 18 साल की उम्र में जशोदा बेन के साथ हुआ था। रिपोर्ट्स के अनुसार जशोदा बेन से बिना तलाक के ही ये अलग हो गए थे और घर छोड़कर पूरा भारत भ्रमण कर विविध संस्कृति की खोज की। भारत भ्रमण के बाद ये वापस आकर अपनी आगे की पढ़ाई  दिल्ली और गुजरात से पूरा किये।

पढ़ाई पूरी करने के बाद ये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल होने के बाद आरएसएस के प्रचारक बन गए। 1975 -77 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए इमरजेंसी के दौरान राष्ट्रीय सेवक संघ को भी प्रतिबंधित कर दिया था, जिसके बाद काफी दिनों तक मोदी को अंडरग्राउंड  होना पड़ा था, वहीं गिरफ्तारी से बचने के लिए ये भेष बदलकर भारत में यात्राएं किया करते थे। सन 1987 में ये बीजेपी पार्टी में शामिल होकर अहमदाबाद नगर पालिका चुनाव अभियान को व्यवस्थित करने का काम किया, जहां इस चुनाव में बीजेपी की जीत हुई। इसी साल इन्हें पार्टी के गुजरात महासचिव के रूप में चुना गया।सन 1990 में आडवाणी के अयोध्या रथ यात्रा के संचालन में मदद के बाद पार्टी में मोदी की क्षमताओं को मान्यता मिली।

मोदी ने 2001 में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा जिसमें राजकोट के दो सीटों में से एक सीट पर कब्ज़ा कर गुजरात के मुख्यमंत्री बने। 2002 में गोधरा कांड में मोदी को क्लीनचिट मिल गयी।  जिसके बाद मोदी फिर से गुजरात के सीएम बने। उसके बाद तो लगातार वो तीन बार गुजरात के सीएम पद पर आसीन हुए।

गुजरात के चार बार सीएम बनने के बाद उन्हें बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया, जिसके बाद 2014 में लोकसभा चुनाव में उनको पीएम पद के लिए उतार दिया गया। इस दौरान मोदी ने 437 रैलियों को  सम्बोधित कर लोगों को समस्याओं से अवगत हुए। देश की जनता ने भी मोदी का साथ देते हुए उनको पीएम पद पर आसीन कर दिया।

पीएम बनते ही मोदी देश की समस्याओं को दूर करने में लग गए। जिसके अंतर्गत  काला धन को लाने के लिए उन्होंने कड़ा कदम उठाया और नोटबंदी कर जमाखोरों के काले धन को बाहर निकाला।पीएम मोदी ने अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान देश में कई तरह की योजनाओं को शामिल किया, जिसको देश की जनता ने समझा और एक बार फिर 2019 में दोबारा पूर्ण बहुमत से उनको देश का प्रधानमंत्री बना दिया। हालांकि सबके मन में सबसे बड़ा सवाल था कि क्या 2019 में पीएम मोदी एक बार फिर अपना जादू दोहरा पाएंगे। वहीं नतीजे चौंकाने वाले आएं। देश की जनता ने एकतरफा बीजेपी के खाते में वोट किया और इस बार भी पीएम मोदी के चेहरे पर NDA की ऐतिहासिक जीत हुई।

2019 लोकसभा चुनाव की जीत 2014 से काफी बड़ी थी क्योंकि इस चुनाव में बीजेपी ने 303 सीटों पर जीत दर्ज किया था। पीएम मोदी एकबार फिर से अगले पांच साल के लिए देश के पीएम बनकर देश हित में अपना योगदान देने के लिए तत्पर हो गए हैं। देश की जनता को पूरा यकीन है कि पिछले पांच साल की तरह ही पीएम मोदी इसबार भी जनता के हित के लिए कार्य करेंगे साथ ही देश विदेश में भारत का मान बढ़ाएंगे।

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