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बाराबंकी: बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर दिल से याद किया गया।

बाराबंकी।देश के संविधान के जनक पहले कानून मंत्री बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ने दलित वर्ग को समाज में समानता दिलाने के लिये बहुत संघर्ष किया, उन्होंने समाज से कहा कि शिक्षा और विद्या के बिना समाज का उद्धार सम्भव नही हैं जिस तरह इंसान को अगर जिन्दा रखना हैं तो अन्न जरूरी हैं, उसी तरह उसे शिक्षा की जरूरत हैं, उन्होंने तीन मंत्र शिक्षित बनो, संगठित बनो, संघर्ष करों को अपनाने की अपील की। आज उनके परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर हम कांग्रेस परिवार के साथ महान विद्वान, संविधान के रचयिता परम श्रद्धेय बाबा साहब को दिल की गहराईयों से याद करके अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।

उक्त उद्गार आज बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर जनपद बाराबंकी के प्रभारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदीप कोरी ने नाका सतरिख स्थित अम्बेडकर उद्यान पर कांग्रेस अध्यक्ष मो. मोहसिन व कांग्रेस परिवार के सदस्यों के साथ बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के पश्चात् कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त कियें।

परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन विजयपाल गौतम ने भी अम्बेडकर उद्यान में अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारियों के साथ बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।

कांग्रेस अध्यक्ष मो. मोहसिन ने कांग्रेस कार्यालय में बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण के पश्चात् बाबा साहब के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बाबा साहब को दलितों व गरीबों के उद्धार तथा देश को संविधान देने के लिये हमेशा याद किये जायेंगे। 15 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस के नेतृत्व की सरकार में बाबा साहब को देश के पहले न्याय मंत्री की शपथ दिलाकर तथा 29 अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के संविधान की रचना के लिये बनायी गयी मसौंधा समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी बाबा साहब को दी गयी। बाबा साहब ने 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में अपने समर्थकों के लिये एक सार्वजनिक समारोह का आयोजन किया और एक बौद्ध भिक्षु से पारंपरिक तरीके से तीन रत्न ग्रहण और पंचशील को अपनाते हुए बौद्ध धर्म ग्रहण किया। बाबा साहब 1948 में मधुमेह पीड़ित हुए, जून से अक्टूबर 1954 तक बाबा साहब काफी बीमार रहे और 6 दिसम्बर 1956 को बाबा साहब जिंदगी की बाजी हारकर इस संसार से विदा हो गये, आज उनके परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर हम उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।

बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण करने वालों में मुख्य रूप से नगर अध्यक्ष राजेन्द्र वर्मा, प्रवक्ता सरजू शर्मा,शबनम वारिस, कमल भल्ला,कपिलदेव वर्मा, रामहरख रावत,गौरी यादव, अखलेश कुमार,सना मुही,सिकन्दर अब्बास रिजवी,कमलेश चन्द्र शर्मा,सोनम वैश्य,अम्बरीश रावत,आफाक अली,चांदनी भारती,नागेन्द्र प्रकाश बाजपेयी,मो. सिद्दिकी चैधरी, निशान्त रस्तोगी, श्रीकान्त मिश्र, टीपू सुल्तान आदि कांग्रेसजन शामिल रहे।

रिपोर्ट -सरदार परमजीत सिंह

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