
इटावा : पूरा देश जहाँ कोरोना जैसी भयंकर महामारी के बीच लोग जूझ रहा है वहीं समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन यापन को लेकर चिंतित बना हुआ है साथ ही सरकार हर व्यक्ति की प्रत्येक हर सम्भव मदद करने में प्रयासरत है जिसमें में देश की महत्वाकांक्षी परियोजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मजदूरों एवं प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने में बहुत ही सहायक सिद्ध हुई है।
अभी हाल ही में सम्पन्न हुये त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चलते उत्तर प्रदेश सरकार ने मनरेगा परियोजना पर कोई ध्यान नहीं दिया। आज इस महामारी के चलते मजदूर और प्रवासी मजदूर जीवन यापन को लेकर बहुत चिंतित है। लोग इस महामारी से बेरोजगार हो गये हैं। उनके लिए जीविका का एक सबसे बड़ा साधन मनरेगा ही है पर पंचायत चुनाव के चलते उक्त योजना ठंडी पड़ गयी मजदूर काम को भटकने लगे हैं।
इटावा : जिला काँग्रेस महासचिव सतीश नागर ने जिलाधिकारी से ठंडी पड़ी इस योजना को पुनः गति देने की प्रदान कराने की माँग की है। ताकि विषम समय में ग्राम पंचायत स्तर पर मनरेगा योजना के कार्य संचालित कराए जाएं जिससे गांव में रहकर मजदूरों और प्रवासी मजदूरों को कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए अपने ही गांव में काम कर अपने परिवार का भरण पोषण कर सके। मांग पत्र में इस संक्रमण काल में मनरेगा योजना को निरंतर चालू रखा जाने का अनुरोध किया गया है। जिससे समाज के मजदूर वर्ग अपनी रोजी रोटी कमा सकें।यह भी विदित हो कि तत्कालीन सीडीओ राजा गणपति आर ने मनरेगा पर सर्वाधिक जोर दिया था ।
वहीँ इस बारे में महेवा विकास खण्ड के सहायक विकास अधिकारी पंचायत श्याम वरन राजपूत ने बताया कि पंचायत चुनाव के चलते मनरेगा का कार्य धीमा हो गया था, सभी ग्राम सचिवों को मनरेगा के कार्यो में गति लाने का निर्देश दिए गये हैं।
रिपोर्ट- विजयेन्द्र तिमोरी,