mosbetlucky jetmostbetmosbetlucky jetparimatchaviatoraviatoronewin casinomostbet azmosbet1 winlucky jet casino4rabetmostbet aviator login4x bet1win casinopinup login1winlucky jet crash1winpinup kzmostbet casinopinup login1win slotsmostbetpin upmostbet kz1 win1win uzmostbet casino1win4r bet1 win kzlacky jetpin up 777mosbet aviatorpin upmostbetparimatch1 win1 winpin-upmostbet onlinepin-upmostbetpin up az1 win4rabet bd1win aviatorpin up azerbaycan

कैसे करें मशरूम की खेती: बेरोजगारी का रोना छोड़िये, यादव जी की तरह आप भी लाखों कमाइए!

भारत में 60 के दशक में हरित क्रांति आई लेकिन देश के ज्यादातर किसान परंपरागत खेती छोड़ आधुनिक खेती को स्वीकार करने में झिझकते नजर आए। कहा जाता है कि खेती को पेशे के तौर पर करने वाले किसान प्रति माह लाखों रुपए कमा रहे हैं। ऐसे ही एक उदाहरण हैं फरीदाबाद के मंझावली के प्रगतिशील किसान अमरेश यादव।

• नौकरी छोड़ अमरेश बने किसान
• लाखों का हुआ मुनाफा
• किसानों को किया प्रेरित

एमबीए, एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर मुंबई की एक कंपनी में प्रबंधक के पद पर कार्यरत रहे अमरेश प्रबंधक की नौकरी छोड़ बटन मशरूम की फसल लगाकर लाखों कमा रहे हैं। अमरेश दावा करते हैं कि फरीदाबाद में उनके जैसी जैविक फसल कहीं नहीं है, यहां 12 महीने मशरूम उपलब्ध है।

कहां से आया खेती करने का ख्याल?

मुंबई की एक कंपनी में प्रबंधक के पद पर काम करने के दौरान अमरेश को रुड़की उत्तराखंड के एक किसान मित्र ने जैविक खेती की जानकारी दी। अमरेश बताते हैं कि किसान मित्र से प्रेरित होकर ही उन्होंने करीब पांच साल पहले नौकरी छोड़ दो चैंबर से खेती शुरू की। एक चैंबर में करीब 2200 बैग लगते हैं. जिसके लिए करीब 100 रुपये किलो बीज की खरीद हुई, वर्तमान में उनके पास चार चैंबर है, जिसमें एक महीने में दो चैंबर से करीब आठ लाख रुपये की इनकम होती है। जिसमें खर्चा काटकर करीब चार लाख रुपये की बचत कर रहे हैं, यह कार्य उन्होंने बैंक ऋण से शुरू किया था।

फसल के लिए क्या है ज़रूरी?

किसान अमरेश ने बताया कि मशरूम की खेती के लिए श्रमिक मिल पाना मुश्किल है। मिलते भी हैं तो उनको काफी अधिक मेहनताना देना पड़ता है। वहीं दूसरी तरफ जब फसल आती है तो उसको रोक नहीं सकते, बाजार में पहुंचाना होता है नहीं तो मशरूम खराब हो जाती है। लेकिन कोरोना काल में अमरेश के फार्म से ही बिक्री में काफी इजाफा हुआ, प्रति वर्ग मीटर में 10 किलोग्राम मशरूम आराम से पैदा किया जा सकता है। कम से कम 40×30 फुट की जगह में तीन-तीन फुट चौड़ी रैक बनाकर मशरूम उगाए जा सकते हैं, सभी एकग्रीकल्चर यूनिवर्सिटीज और कृषि अनुसंधान केंद्रों में मशरूम की खेती की ट्रेनिंग दी जाती है, अगर आप इसे बड़े पैमाने पर खेती करने की योजना बना रहे हैं तो बेहतर होगा एक बार इसकी सही ढंग से ट्रेनिंग कर लें, कृषि संबंधी विभागों और वेबसाइट से भी आप इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

सुयश त्रिपाठी, एग्रीकल्चर डेस्क

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *