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योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने मृतक आश्रितों की नौकरी के बारे में लिया बड़ा फैसला-

उत्‍तर प्रदेश में कई विभाग ऐसे हैं जहां समूह ‘ग’ के पद खाली नहीं हैं। जबकि पढ़े-लिखे आश्रित समूह ‘घ’ के पदों पर नौकरी करने को तैयार नहीं हैं। सीएम ने इसको देखते हुए नवंबर 2021 में कैबिनेट से यह फैसला किया था कि ऐसे आश्रितों को दूसरे विभागों में भी नौकरी देकर समायोजित किया जाए, जिससे आश्रितों को नौकरी मिल सके और विभागों के खाली पद भी भर जाएं।

योगी आदित्यनाथ के फैसले के बाद दूसरे विभागों के मृतक आश्रितों को अपने यहां नौकरी देने के लिए अन्य विभागों ने कार्मिक विभाग को राजमंदी दे दी है। पहले चरण में औद्योगिक विकास विभाग, वन पर्यावरण, राजस्व, चिकित्सा स्वास्थ्य और कृषि विभाग ने सहमति दी है। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने इसी माह अंतिम सप्ताह में इसको लेकर सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। उनसे कहा गया है कि वे अपने यहां के मृतक आश्रित कोटे पर नौकरी पाने वालों की संख्या और इनको रखने के लिए रिक्त पदों के बारे में जानकारी लेकर आएं।

तीन विभागों आयुष, नागरिक उड्डयन और राज्य संपत्ति विभाग ने बताया कि उनके यहां मृतक आश्रितों को नौकरी देने के लिए पद नहीं है। आयुष में 29, नागरिक उड्डयन में तीन और राज्य संपत्ति में ऐसे पांच कर्मचारी हैं। इसलिए अब इन्हें अन्य विभागों में योग्यता के आधार पर समूह ‘ग’ के पदों पर नौकरी दी जाएगी।

बैठक के दौरान इस संबंध सहमति भी ली जाएगी कि कौन विभाग अपने यहां कितने पदों पर ऐसे आश्रितों को नौकरी देंगे। इसके बाद आश्रितों के आवेदन जरूरत के आधार पर संबंधित विभागों को भेजे जाएंगे, जिससे जल्द ही ऐसे लोगों को नौकरी मिल सके।

 

ब्यूरो रिपोर्ट ‘द इंडियन ओपिनियन’

 

 

 

 

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