200 से ज्यादा रन बनाने के बाद भी जीत पक्की नहीं रही। नई टीमों ने बड़े देशों को कड़ी टक्कर दी, जबकि भारत ने शानदार प्रदर्शन से अपना दबदबा बरकरार रखा|

इस बार का टी20 वर्ल्ड कप कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। क्रिकेट के इस सबसे छोटे और रोमांचक फॉर्मेट में पहली बार ऐसा देखने को मिला कि 200 से ज्यादा रन बनाने के बाद भी जीत की गारंटी नहीं रही। कई मुकाबलों में टीमों ने 200 से अधिक स्कोर खड़ा किया, लेकिन विपक्षी टीमों ने शानदार बल्लेबाजी कर लक्ष्य को हासिल कर लिया।
इस वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि नई और अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाने वाली टीमों ने बड़े क्रिकेट देशों को कड़ी चुनौती दी। कई मैचों में उलटफेर देखने को मिला, जिससे टूर्नामेंट और भी रोमांचक बन गया। क्रिकेट के विस्तार और प्रतिस्पर्धा के बढ़ते स्तर का यह साफ संकेत है।
दूसरी ओर, भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना वर्चस्व कायम रखा। टीम इंडिया ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन दिखाया। कई मैचों में भारत ने विपक्षी टीमों पर पूरी तरह दबाव बनाकर जीत हासिल की।
इस वर्ल्ड कप में हाई स्कोरिंग मैचों के साथ-साथ रोमांचक मुकाबलों की भी भरमार रही। आखिरी ओवर तक जाने वाले मैचों ने दर्शकों की धड़कनें तेज कर दीं। यही कारण है कि यह टूर्नामेंट क्रिकेट इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ल्ड कप ने यह साबित कर दिया है कि अब क्रिकेट में कोई भी टीम छोटी नहीं है। नई टीमों की चुनौती और बड़े स्कोर का पीछा करने की क्षमता ने खेल को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया है।