मार्च में ही भीषण गर्मी की शुरुआत, कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार; मौसम विभाग ने अप्रैल–मई में और ज्यादा लू चलने की आशंका जताई।

देश के कई हिस्सों में मार्च महीने में ही गर्मी ने पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार देश के कम से कम 14 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो आमतौर पर अप्रैल के अंत या मई में देखने को मिलता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर भारत के कई शहरों में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को मार्च में ही मई जैसी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक तापमान में यह तेजी से बढ़ोतरी कई कारणों से हो रही है। इसमें कम बारिश, साफ आसमान और लगातार चल रही गर्म हवाएं प्रमुख वजह हैं। इसके अलावा ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन भी तापमान बढ़ने की बड़ी वजह माने जा रहे हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अप्रैल और मई के महीनों में गर्मी और ज्यादा तीखी हो सकती है। कई राज्यों में लू चलने की संभावना है और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो इस साल गर्मी का असर खेती, बिजली की मांग और लोगों की सेहत पर भी देखने को मिल सकता है।