अखिलेश यादव का तीखा बयान—गंगा किनारे इफ्तार पर रोक क्यों? बनारस में कार्रवाई को लेकर DM-SP पर उठाए सवाल, कहा रिश्वत नहीं दी इसलिए हुई सख्ती

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने वाराणसी में गंगा किनारे इफ्तार को लेकर हुए विवाद पर प्रशासन को घेरा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर गंगा किनारे इफ्तार करने पर रोक क्यों लगाई जा रही है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बनारस में जिन युवकों के खिलाफ कार्रवाई हुई, उन्होंने शायद DM और SP की “हथेली गरम” नहीं की होगी, इसलिए उन पर सख्ती दिखाई गई। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
यह मामला वाराणसी का है, जहां गंगा घाट पर कुछ युवकों द्वारा इफ्तार आयोजित करने की कोशिश की गई थी। प्रशासन ने इसे नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए रोक दिया और संबंधित लोगों पर कार्रवाई की।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि घाटों पर किसी भी तरह के सार्वजनिक आयोजन के लिए पूर्व अनुमति जरूरी होती है। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
अखिलेश यादव के इस बयान पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्ष इसे धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे नियमों के पालन से जोड़कर देख रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में और तूल पकड़ सकता है, खासकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में इसका असर देखने को मिल सकता है।