mosbetlucky jetmostbetmosbetlucky jetparimatchaviatoraviatoronewin casinomostbet azmosbet1 winlucky jet casino4rabetmostbet aviator login4x bet1win casinopinup login1winlucky jet crash1winpinup kzmostbet casinopinup login1win slotsmostbetpin upmostbet kz1 win1win uzmostbet casino1win4r bet1 win kzlacky jetpin up 777mosbet aviatorpin upmostbetparimatch1 win1 winpin-upmostbet onlinepin-upmostbetpin up az1 win4rabet bd1win aviatorpin up azerbaycan

डिजिटल डॉक्टर का बढ़ता चलन, टेस्ट रिपोर्ट से डॉक्टर की पर्ची तक AI से समझ रहे लोग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बना रहा हेल्थ असिस्टेंट, लेकिन विशेषज्ञों ने गलत जानकारी के जोखिम को लेकर किया आगाह

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के साथ-साथ स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी समझने का भी एक माध्यम बनता जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग AI टूल्स की मदद से अपनी मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट, डॉक्टर की लिखी पर्ची और स्वास्थ्य संबंधी शब्दों का आसान भाषा में मतलब समझने की कोशिश कर रहे हैं। डिजिटल हेल्थ के बढ़ते इस्तेमाल ने AI को कई लोगों के लिए एक तरह के शुरुआती डिजिटल हेल्थ असिस्टेंट की भूमिका में ला दिया है।

ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल, थायरॉयड या अन्य जांच रिपोर्ट में कई ऐसे मेडिकल टर्म और आंकड़े होते हैं, जिन्हें सामान्य व्यक्ति के लिए समझना आसान नहीं होता। ऐसे में लोग रिपोर्ट की तस्वीर या जानकारी AI टूल में डालकर यह जानने की कोशिश करते हैं कि किसी वैल्यू का सामान्य अर्थ क्या है और रिपोर्ट में किन चीजों पर ध्यान देने की जरूरत हो सकती है।

इसी तरह डॉक्टर की लिखावट समझने में परेशानी होने पर भी AI आधारित टूल मददगार साबित हो सकते हैं। दवाओं के नाम, मेडिकल शॉर्ट फॉर्म या डॉक्टर की पर्ची में लिखे निर्देशों को समझने के लिए लोग डिजिटल तकनीक का सहारा ले रहे हैं। इससे स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सरल भाषा में समझने में सुविधा मिल सकती है।

हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार AI को डॉक्टर का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। किसी टेस्ट रिपोर्ट की एक असामान्य वैल्यू देखकर खुद बीमारी का निष्कर्ष निकालना गलत हो सकता है, क्योंकि मेडिकल रिपोर्ट का अर्थ मरीज की उम्र, लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री, दवाओं और अन्य जांचों के संदर्भ में समझा जाता है।

AI से मिली जानकारी में गलती या संदर्भ की कमी भी हो सकती है। खासकर दवा की खुराक बदलने, इलाज शुरू या बंद करने और गंभीर लक्षणों की स्थिति में केवल AI पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है।

इसलिए AI का इस्तेमाल जानकारी समझने और डॉक्टर से बेहतर सवाल पूछने के सहायक माध्यम के रूप में करना अधिक उचित है। अंतिम बीमारी की पहचान और उपचार संबंधी निर्णय योग्य चिकित्सक की सलाह से ही लिया जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *