यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब ₹12 हजार मानदेय, सीएम योगी ने किया 50% बढ़ोतरी का ऐलान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 50 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब हर महीने ₹8,000 की जगह ₹12,000 मानदेय मिलेगा, जबकि सहायिकाओं का मानदेय ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 कर दिया गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों के पोषण, शुरुआती शिक्षा और मातृ एवं बाल स्वास्थ्य से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सेवाएं संचालित की जाती हैं।

50 फीसदी बढ़ा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 सितंबर 2026 को अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में इस बढ़ोतरी की घोषणा की। पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ₹8,000 और सहायिकाओं को ₹4,000 प्रतिमाह मानदेय मिलता था।
नई व्यवस्था के तहत:
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता: ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह
- आंगनबाड़ी सहायिका: ₹4,000 से बढ़कर ₹6,000 प्रतिमाह
यानी कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹4,000 प्रति माह और सहायिकाओं के मानदेय में ₹2,000 प्रति माह की बढ़ोतरी हुई है।
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर 2026 से प्रभावी होगा और इसका भुगतान अक्टूबर 2026 में किया जाएगा।
करीब 2.91 लाख कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभ
इस फैसले से उत्तर प्रदेश की करीब 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभ मिलने की बात सामने आई है। ये कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर बच्चों के पोषण, प्रारंभिक बाल देखभाल और मातृ स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका केवल बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इन केंद्रों के जरिए Early Childhood Care and Education (ECCE), पोषण सेवाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय जैसे काम भी किए जाते हैं।
₹5 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा
मानदेय बढ़ाने के साथ सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी सुविधा की भी घोषणा की है।
नई व्यवस्था में उनके परिवारों को ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर देने की बात कही गई है। इससे गंभीर बीमारी या बड़े इलाज की स्थिति में परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।
स्मार्टफोन और आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाने पर जोर
सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को अधिक आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही है। इसके तहत स्मार्टफोन और रियल-टाइम डेटा कलेक्शन जैसी सुविधाओं के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।
इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी सेवाओं की निगरानी, सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जमीनी स्तर से मिलने वाली जानकारी को डिजिटल तरीके से दर्ज करना है।
साल में मिलेंगी तीन साड़ियां
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए कपड़ों से जुड़ी सुविधा में भी बदलाव की घोषणा की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें अब सालाना तीन साड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी। यह सुविधा उनके काम के दौरान निर्धारित ड्रेस और पेशेवर पहचान को बनाए रखने में भी मदद करेगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सरकार की पोषण और बाल विकास व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में शामिल हैं। बच्चों के शुरुआती विकास से लेकर पोषण और मातृ स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों तक, उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ी हैं।
सरकार की ओर से जारी आदेश में भी मानदेय बढ़ाने के पीछे बढ़ी हुई जिम्मेदारियों, Early Childhood Care and Education, पोषण सेवाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल और विभिन्न विभागीय योजनाओं के साथ समन्वय को प्रमुख कारणों में बताया गया है।
ऐसे में ₹8,000 से ₹12,000 तक मानदेय बढ़ना इन कार्यकर्ताओं के लिए सीधे तौर पर आर्थिक राहत का कदम है। साथ ही स्वास्थ्य कवर और तकनीकी सुविधाओं से उनके कामकाजी ढांचे को भी मजबूत करने की कोशिश दिखाई देती है।
सरकार के लिए भी अहम फैसला
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं आंगनबाड़ी व्यवस्था से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में मानदेय में 50 फीसदी वृद्धि का सीधा असर हजारों परिवारों की मासिक आय पर पड़ सकता है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलने वाली राशि को सामान्य सरकारी कर्मचारियों की “सैलरी” के बजाय “मानदेय” के रूप में समझना चाहिए। नई घोषणा इसी मानदेय में बढ़ोतरी से संबंधित है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़ाकर ₹12,000 और सहायिकाओं का ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 करना राज्य की आंगनबाड़ी व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के लिए बड़ा आर्थिक फैसला है। इसके साथ ₹5 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, स्मार्टफोन और अन्य सुविधाओं की घोषणा इस फैसले को केवल मानदेय वृद्धि तक सीमित नहीं रखती।
अब महत्वपूर्ण यह होगा कि इन सुविधाओं का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी क्रियान्वयन होता है और इससे आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं तथा कार्यकर्ताओं की कार्य-स्थितियों में कितना सुधार आता है।
आपके हिसाब से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए मानदेय बढ़ोतरी के साथ और किन सुविधाओं पर सरकार को ध्यान देना चाहिए?