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Monsoon Withdrawal 2026: भारत से मानसून की विदाई शुरू

Monsoon Withdrawal 2026: भारत से मानसून की विदाई शुरू, फिर भी कई राज्यों में बारिश जारी

Monsoon Withdrawal 2026 क्या है?

भारत में Southwest Monsoon अब धीरे-धीरे वापसी की ओर बढ़ रहा है। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार, 19 September 2026 के आसपास West Rajasthan के कुछ हिस्सों से मानसून की withdrawal शुरू होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हुई हैं। सामान्य तौर पर मानसून की वापसी लगभग 17 September के आसपास शुरू होती है, इसलिए इस साल शुरुआत थोड़ी देर से हो रही है।

लेकिन मानसून की विदाई का मतलब यह नहीं है कि पूरे भारत में तुरंत बारिश खत्म हो जाएगी। IMD के अनुसार withdrawal एक gradual process है और अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की स्थिति कुछ समय तक सक्रिय रह सकती है।

मानसून की विदाई कहां से शुरू होती है?

भारत में Southwest Monsoon आमतौर पर Northwest India से पीछे हटना शुरू करता है। IMD withdrawal तय करने के लिए केवल बारिश कम होने को नहीं देखता। लगातार कई दिनों तक rainfall activity में कमी, lower atmosphere में anticyclonic circulation और moisture में कमी जैसे meteorological factors भी देखे जाते हैं।

इस साल शुरुआती withdrawal West Rajasthan से होने की संभावना जताई गई है।

फिर भी कई राज्यों में बारिश क्यों?

मानसून की withdrawal शुरू होने के बावजूद देश के कई हिस्सों में बारिश और thunderstorms की संभावना बनी हुई है। मौसम में सक्रिय systems के कारण कुछ राज्यों में heavy rainfall भी हो सकती है। यानी Monsoon Withdrawal और बारिश का खत्म होना एक ही बात नहीं है।

उत्तर भारत के कुछ हिस्सों सहित Central और अन्य क्षेत्रों में भी सितंबर के दौरान बारिश के spells देखने को मिल सकते हैं।

2026 में मानसून कैसा रहा?

2026 का Southwest Monsoon देशभर में समान नहीं रहा। सितंबर के मध्य तक All-India rainfall करीब 15% deficit में थी, जबकि कई राज्यों में इससे काफी ज्यादा rainfall deficiency दर्ज की गई।

इसका असर agriculture और water availability पर भी पड़ सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बारिश सामान्य से काफी कम रही है।

किसानों के लिए क्यों अहम है मानसून की विदाई?

मानसून की वापसी के बाद देश में Rabi season की तैयारियां शुरू होती हैं। मिट्टी में moisture और reservoirs में पानी की स्थिति गेहूं, चना, सरसों और दूसरी winter crops के लिए महत्वपूर्ण रहती है।

इसलिए इस साल मानसून की कुल बारिश के साथ-साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि अलग-अलग राज्यों में पानी की उपलब्धता कैसी रहती है।

Monsoon Withdrawal के बाद क्या बदलेगा?

मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम धीरे-धीरे ज्यादा dry होने लगता है। तापमान में बदलाव और रात के समय हल्की ठंड की शुरुआत भी देखने को मिल सकती है।

हालांकि यह बदलाव पूरे देश में एक साथ नहीं होता। Monsoon withdrawal कई चरणों में होता है, और IMD के अनुसार पूरे देश से इसकी वापसी 1 October के बाद circulation pattern में बदलाव के आधार पर घोषित की जाती है।

निष्कर्ष

19 September से West Rajasthan के कुछ हिस्सों में Southwest Monsoon की withdrawal शुरू होने की स्थिति बन गई है, लेकिन देश के कई हिस्सों में बारिश अभी जारी रह सकती है। इसलिए मानसून की विदाई को एक दिन में खत्म होने वाली प्रक्रिया समझना सही नहीं होगा।

आने वाले दिनों में मौसम का pattern, rainfall और किसानों के लिए water availability खास तौर पर महत्वपूर्ण रहने वाली है।

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