रमजान की 21वीं तारीख पर लखनऊ में निकला मातमी जुलूस, नंगे पांव शोक जुलूस में शामिल हुए अकीदतमंद; ताबूत को चूमने के लिए लगी भीड़।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रमजान की 21वीं तारीख पर शिया समुदाय ने परंपरागत मातमी जुलूस निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद नंगे पांव जुलूस में शामिल हुए और गम-ए-हुसैन में मातम मनाया।
जुलूस के दौरान लोगों ने सीना-ज़नी करते हुए शोक व्यक्त किया और कई स्थानों पर ताबूत को चूमने के लिए लोगों में होड़ भी देखी गई। श्रद्धालु इमाम हुसैन और करबला के शहीदों की याद में गम मना रहे थे।
जुलूस के दौरान कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman की तस्वीरों को जमीन पर रखकर उन पर पैर रखे और नाराजगी जताई।
यह मातमी जुलूस शहर के पुराने इलाकों से होकर गुजरा, जहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। पुलिस और प्रशासन की ओर से पूरे रूट पर निगरानी की गई ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
धार्मिक परंपरा के अनुसार रमजान की 21वीं तारीख को शिया समुदाय इमाम अली की शहादत की याद में विशेष मजलिस और मातमी जुलूस निकालता है। इस दौरान लोग करबला की घटनाओं को याद करते हुए शोक प्रकट करते हैं।