mosbetlucky jetmostbetmosbetlucky jetparimatchaviatoraviatoronewin casinomostbet azmosbet1 winlucky jet casino4rabetmostbet aviator login4x bet1win casinopinup login1winlucky jet crash1winpinup kzmostbet casinopinup login1win slotsmostbetpin upmostbet kz1 win1win uzmostbet casino1win4r bet1 win kzlacky jetpin up 777mosbet aviatorpin upmostbetparimatch1 win1 winpin-upmostbet onlinepin-upmostbetpin up az1 win4rabet bd1win aviatorpin up azerbaycan

#CAB मुस्लिम बनाम गैर मुस्लिम के हंगामे के बीच जानिए कैसे, कम संख्या के बावजूद राज्यसभा से भी भाजपा पारित करवा सकती है नागरिकता संशोधन बिल?


(Citizenship Amendment Bill) आज दोपहर  राज्यसभा (Rajya Sabha) में पेश किया जाएगा. इस बिल को सात घंटे से अधिक समय तक चली बहस के बाद लोकसभा में सोमवार आधी रात को पारित किया गया था.

विधेयक के विरोध में विपक्ष के लामबंद होने के बावजूद सत्तारूढ़ भाजपा को उम्मीद है कि बुधवार को यह विधेयक जब राज्यसभा में लाया जाएगा तो इसे आसानी से पारित करवा लिया जाएगा!

क्या है भाजपा का राज्यसभा में गणित?

दरअसल राज्यसभा में कुल 245 सदस्य होते हैं वर्तमान में कुल 240 सदस्य हैं यानी 120 सदस्य से अधिक यदि नए नागरिकता कानून के पक्ष में होंगे तो भाजपा सरकार का यह कानून आसानी से पारित हो जाएगा ।

लेकिन भाजपा के कुल 83 सदस्य ही राज्यसभा में मौजूद है यानी अन्य दलों के समर्थन पर राज्यसभा से कैब बिल पारित होने की उम्मीद है।

सदन में भाजपा के 83, जद (यू) के छह, अकाली दल के तीन तथा लोजपा, आरपीआई..ए के एक..एक तथा 11 मनोनीत सदस्य शामिल हैं. भाजपा अन्नाद्रमुक से बात कर रही है जिसके 11 सांसद हैं. बीजद के सात सांसद, वाईएसआर कांग्रेस के दो तथा तेदेपा के दो सदस्य हैं. भाजपा को इन दलों के समर्थन की भी उम्मीद है. भाजपा को उम्मीद है कि इन दलों के समर्थन से वह 120 सदस्यों के बहुमत के आंकड़े को प्राप्त कर लेगी. राज्यसभा मेंविपक्षी खेमे में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बसपा, सपा, द्रमुक, राजद, वाम, राकांपा एवं टीआरएस के क्रमश: 46, 13, चार, नौ, पांच, चार, छह, चार और सदस्य हैं. इनको मिलाकर कुल 97 सदस्य हैं. शिवसेना, आम आदमी पार्टी और कुछ अन्य दलों के सदस्यों को मिलाकर यह आंकड़ा 110 पर पहुंचता है।

लगभग पूरा विपक्ष इस नए कानून का विरोध कर रहा है

राज सभा में बहस शुरू हो गई है सरकार का दावा है कि देश हित के लिए यह कानून जरूरी है ।

एनआरसी और कैब के समर्थन में सरकार कहती हैं कि अवैध घुसपैठियों और आतंकी समर्थकों को देश से निकालने के लिए और देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए यह कानून जरूरी है, साथ ही कैब यानी सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल के जरिए भारतीय उपमहाद्वीप के देशों से आने वाले पीड़ित गैर मुस्लिमों को आवश्यक शर्त पूरा करने पर नागरिकता देने की बात कही गई है।

रिपोर्ट – देवव्रत शर्मा