रोजाना 75 लाख सिलेंडर की बुकिंग, सिर्फ 50 लाख की डिलीवरी; मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार ने बढ़ाया उत्पादन और सख्त नियम लागू किए

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत में रसोई गैस यानी LPG की मांग अचानक बढ़ गई है। सरकार के अनुसार लोगों में घबराहट के कारण सिलेंडर की बुकिंग तेजी से बढ़ी है, जिससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव पड़ा है।
रोजाना 75 लाख सिलेंडर की बुकिंग
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक पहले जहां रोजाना 50-55 लाख LPG सिलेंडर की बुकिंग होती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 75-76 लाख प्रतिदिन हो गई है। अचानक आई इस बढ़ोतरी को सरकार ने panic booking यानी घबराहट में की जा रही बुकिंग बताया है।
रोजाना लगभग 50 लाख सिलेंडर की डिलीवरी
सरकार का कहना है कि देशभर में रोजाना करीब 50 लाख LPG सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है। अभी तक देश के 25,000 से ज्यादा गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स में कहीं भी स्टॉक खत्म होने की स्थिति नहीं आई है।
भारत के पास अभी पर्याप्त गैस
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि देश में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की सप्लाई सुरक्षित है और किसी भी डीलर के पास “ड्राई-आउट” यानी पूरी तरह गैस खत्म होने की स्थिति नहीं बनी है। सरकार ने लोगों से घबराकर सिलेंडर स्टॉक करने से बचने की अपील की है।
सरकार ने उठाए ये बड़े कदम
सप्लाई बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं:
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रिफाइनरियों में LPG उत्पादन करीब 28-30% तक बढ़ाया गया
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शहरों में जहां संभव हो वहां PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) अपनाने की सलाह
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घरेलू गैस को प्राथमिकता, होटल-रेस्तरां को सीमित सप्लाई
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शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद ही रीफिल बुकिंग का नियम
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जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई
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जरूरत पड़ने पर केरोसिन और अन्य वैकल्पिक ईंधन की अनुमति
इन उपायों का मकसद घरेलू रसोई गैस की सप्लाई को सुरक्षित रखना है।
क्यों बढ़ी गैस की चिंता
दरअसल मिडिल ईस्ट में युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव के कारण गैस और तेल की सप्लाई को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ी है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए लोगों में आशंका के कारण बुकिंग अचानक बढ़ गई।
सरकार का कहना है कि फिलहाल घरेलू रसोई गैस की सप्लाई सुरक्षित है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।