उत्तराखंड में गैस की किल्लत से हालात बिगड़े, ब्लैक मार्केटिंग तेज; होटल-ढाबों के मेन्यू से 70% फूड आइटम हुए गायब

उत्तराखंड में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच ब्लैक मार्केटिंग का मामला तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। जहां एक ओर घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत लगभग ₹900 है, वहीं कई जगहों पर इसे अवैध रूप से ₹1800 तक में बेचा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, गैस एजेंसियों और बिचौलियों की मिलीभगत से सिलेंडरों की कालाबाजारी की जा रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई इलाकों में लोगों को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है। होटल, ढाबों और छोटे रेस्टोरेंट संचालकों का आरोप है कि जिन कॉमर्शियल सिलेंडरों की निर्धारित कीमत काफी कम है, उन्हें ब्लैक में ₹4000 तक में बेचा जा रहा है।
गैस संकट का असर सीधे खाद्य व्यवसाय पर भी दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड के कई शहरों में होटल और ढाबों के मेन्यू से लगभग 70% फूड आइटम गायब हो गए हैं, क्योंकि रसोई में गैस की कमी के कारण सभी व्यंजन बनाना संभव नहीं हो पा रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो कई छोटे व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं। वहीं स्थानीय प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
फिलहाल गैस संकट के कारण आम उपभोक्ता से लेकर होटल कारोबार तक प्रभावित है और लोग सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।