Supreme Court Says Time Has Come to Implement UCC, Decision Lies With Parliament

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- समान नागरिक संहिता पर संसद करे फैसला, शरियत कानून में जल्दबाजी में बदलाव से हो सकता है नुकसान

समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर सुप्रीम कोर्ट की एक अहम टिप्पणी सामने आई है। अदालत ने कहा है कि अब देश में UCC लागू करने के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने का समय आ गया है, हालांकि इसका अंतिम फैसला संसद को ही करना होगा।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत कानूनों, खासकर शरियत कानून में किसी भी तरह का बदलाव सोच-समझकर और संतुलित तरीके से किया जाना चाहिए। अदालत का मानना है कि अगर जल्दबाजी में सुधार किए गए तो इससे समाज में अनावश्यक विवाद और नुकसान की संभावना पैदा हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि देश में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून होने की वजह से कई बार कानूनी जटिलताएं पैदा होती हैं। ऐसे में समान नागरिक संहिता पर व्यापक चर्चा और सहमति जरूरी है।

UCC को लेकर देश में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस चल रही है। समर्थकों का कहना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू होगा, जबकि कुछ लोग इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देखते हैं।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद UCC को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं फिर तेज होने की संभावना है।

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