अविमुक्तेश्वरानंद बोले— मैं भाग नहीं रहा, सामना करूंगा; रोती हुई महिला भक्त को दिलासा दिया

महिला भक्त को समझाया— “गुरु गड़बड़ निकल जाए तभी रोना”; कहा— “मैं सत्‍यनिष्ठ हूं, कानून और…