प्रशासन का कहना—पुरानी संरचना में दरारें और गिरने का खतरा; छात्र बोले—कक्षाएं व गतिविधियाँ दोबारा शुरू हों

लखनऊ स्थित University of Lucknow के परिसर में स्थित ऐतिहासिक Lal Baradari को लेकर छात्रों और प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया है। छात्रों की मांग है कि जर्जर घोषित की गई लाल बारादरी को जल्द से जल्द दोबारा खोला जाए, ताकि कक्षाएँ, छात्र गतिविधियाँ और सांस्कृतिक आयोजन पहले की तरह फिर शुरू किए जा सकें।
हालाँकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट के अनुसार इमारत की स्थिति अत्यंत क्षतिग्रस्त और असुरक्षित है। दीवारों में चौड़ी दरारें, छत पर कमजोरी और संरचना के गिरने का खतरा देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इसे बंद रखने का आदेश दिया है।
प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह का जोखिम उठाना संभव नहीं। वहीं छात्र संगठनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय जर्जर हिस्सों की मरम्मत करने के बजाय इमारत को लंबे समय से बंद कर—अकादमिक गतिविधियाँ बाधित कर रहा है। छात्रों ने मांग की है कि जल्द से जल्द रेस्टोरेशन कार्य शुरू कर इमारत को उपयोग के लिए खोला जाए।
ताजा जानकारी के अनुसार प्रशासन ने कहा है कि संरचना की तकनीकी मरम्मत और सुरक्षा परीक्षण के बाद ही किसी भी गतिविधि की अनुमति दी जाएगी। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है।