mosbetlucky jetmostbetmosbetlucky jetparimatchaviatoraviatoronewin casinomostbet azmosbet1 winlucky jet casino4rabetmostbet aviator login4x bet1win casinopinup login1winlucky jet crash1winpinup kzmostbet casinopinup login1win slotsmostbetpin upmostbet kz1 win1win uzmostbet casino1win4r bet1 win kzlacky jetpin up 777mosbet aviatorpin upmostbetparimatch1 win1 winpin-upmostbet onlinepin-upmostbetpin up az1 win4rabet bd1win aviatorpin up azerbaycan

एक बच्चे को खोना आपकी आत्मा का एक टुकड़ा चीरने जैसा है- अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को टेक्सास के एक प्राथमिक विद्यालय में एक बंदूकधारी द्वारा 18 बच्चों की गोली मारकर हत्या करने के बाद अमेरिकियों से देश की शक्तिशाली बंदूक समर्थक लॉबी के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया।

व्हाइट हाउस से दिए एक संबोधन में बाइडन ने कहा कि , “भगवान के नाम पर कब हम बंदूक लॉबी के खिलाफ खड़े होंगे।” उन्होंने कहा कि इस देश के प्रत्येक नागरिक के लिए, प्रत्येक माता-पिता के लिए इस दर्द को कार्रवाई में बदलने का समय आ गया है। हमें , इस देश के प्रत्येक निर्वाचित अधिकारी को इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।यह कार्य करने का समय है।

बाइडन ने साझा किया अपनों को खो देने का दर्द

इस दौरान बाइडन ने खुद अपनों को खोने का दुख साझा किया जिसमें साल 1972 में उन्होंने एक कार दुर्घटना में अपनी पत्नी और बेटी को खो दिया था। साल 2015 में उन्होंने बेटे को खो दिया था। उन्होंने कहा कि एक बच्चे को खोना आपकी आत्मा का एक टुकड़ा चीरने जैसा है। आपके सीने में एक खोखलापन रह जाता है। आप कभी भी पहले जैसे नहीं रह जाते हैं।

पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्यवाही में मारा गया आक्रमणकारी

बता दें कि, अमेरिका में सामूहिक बंदूक हिंसा की हालिया घटना में एक 18 साल के बंदूकधारी ने मंगलवार को दक्षिण टेक्सास के एक प्राथमिक विद्यालय में गोली चला दी, जिसमें 19 छात्रों समेत 28 की मौत हो गई। 18 साल के बंदूकधारी का नाम सल्वाडोर रामोस बताया जा रहा है, जिसे पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर जवाबी कार्रवाई में मार डाला है ।

यह इस तरह की पहली घटना नहीं है । समय समय पर होती इस तरह की वारदातें, अमेरिका में शस्त्र नियंत्रण कानूनों में सुधारों की आवश्यकता पर बल देती आई है। परन्तु सशक्त शस्त्र उत्पादक लॉबी ने कभी इस कानून में कोई बदलाव नहीं होने दिया।

क्या गलती थी उन आबोध बच्चों की जो किसी सरफिरे के पागलपन का शिकार हो गए ? अब उन 19 घरों से न तो किसी बच्चे की खेलने की आवाज़ें आएँगी और न ही कभी उनके जन्मदिन मनाने का शोर गुल। जो कुछ सुनाई देगा वह होगा माता पिता की सिसकियाँ और दम घोटती खामोशी ।

न जाने कितने और निर्दोषों की बली लेने के बाद अमेरिकी निर्वाचित अधिकारियों का ज़मीर जागेगा और वह इतना साहस जुटा पाएंगे कि शस्त्र नियंत्रण कानून में आवश्यक सुधार ला पाएं ।

रिपोर्ट – विकास चन्द्र अग्रवाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *