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गोरखपुर में बाढ़ से बिगड़े हालात, घाघरा – रोहिन और राप्‍ती खतरे के निशान के पार।

गोरखपुर जिले में राप्‍ती, रोहिन और घाघरा का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है। तीनों नदियां इस समय खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 21 से अधिक गांव बाढ़ से घिर गए हैं। शहर के निचले इलाकों में राप्‍ती ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। यहां नाव चल रही हैं। प्रशासन ने निचली बस्तियों में नाव लगवा दी है।
शहर के पश्चिम के बहरामपुर, बाले मियां स्थान के पास घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में और पूर्वांचल के मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की वजह से बीते तीन-चार दिनों से गोरखपुर के आसपास की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यहां के लोगों ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

गोरखपुर में घाघरा-रोहिन के बाद राप्‍ती ने भी खतरे के निशान को पार कर लिया है। तीनों नदियां अपने उफान पर हैं और इनका जलस्‍तर भी तेजी के साथ बढ़ रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक जिले के 21 गांव का संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में डूब गया है। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक करीब 50 गांव बाढ़ से पूरी तरह से घिर गए हैं।

एहतियात और आवागमन को बनाए रखने के लिए 16 छोटी-बड़ी नावों को लगाया गया है। गांव के साथ शहर के निचले मोहल्‍लों में भी बाढ़ का पानी भर जाने की वजह से लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
गोरखपुर में राप्‍ती नदी बर्डघाट पर खतरे के निशान खतरा बिंदु 74.98 आरएल मीटर से 0.27 आरएल मीटर ऊपर 75.410 आरएल मीटर पर बह रही है। रोहिन नदी त्रिमुहानी घाट पर खतरा बिंदु 82.44 आरएल मीटर से 1.26 आरएल मीटर ऊपर 83.70 आरएल मीटर पर बह रही है। वहीं, कुआनो मुखलिसपुर में खतरा बिंदु 78.65 मीटर से 1.37 आरल मीटर नीचे 77.280 आरएल मीटर पर बह रही है।

घाघरा अयोध्या पुल पर खतरा बिंदु 92.73 आरएल मीटर से 0.16 आरएल मीटर ऊपर 92.890 पर बह रही है। घाघरा तुर्तीपार में खतरा बिंदु 64.01 आरएल मीटर से 0.32 आरएल मीटर ऊपर 64.330 आरएल मीटर पर बह रही है। गोर्रा नदी पिण्डारा में खतरा बिंदु 70.50 आरएल मीटर से 0.02 मीटर नीचे 70.300 आरएल मीटर पर बह रही है। गोर्रा भी खतरे का निशान पार करने को आतुर दिख रही है।
इस बीच कुल 21 से अधिक गांव अब तक बाढ़ से प्रभावित हैं। इसमें कैम्पियरगंज के 6 गांव बरगदही, मछलीगांव, भौराबारी, चंदीपुर, बुढ़ेली, अलगटपुर रोहिन नदी से प्रभावित हैं। सहजनवां तहसील के 6 गांव चकचोहरा, विडार, बनौड़ा, भुवाशहीद, गहीरा, सुथनी आमी और राप्‍ती नदी से प्रभावित हैं।

सदर का एक गांव शिवरिया रोहिन नदी और झरवा, भौवापार, नाहरपुर अतरौलिया, भौरामल राप्‍ती नदी से प्रभावित हैं। गोला के बिहुआ, बल्‍थर और बांसगांव के कतरारी, करनजही राप्‍ती और घाघरा से प्रभावित हैं। बाढ़ के प्रभाव से खेत और आवागमन प्रभावित हुआ है। इसके लिए 16 छोटी-बड़ी नाव को राहत के लिए लगाई गई है।

जबकि ग्रामीणों के मुताबिक राप्ती का जलस्तर बढ़ने से डोमिनगढ़, राजघाट, चकला, बहरामपुर, कठउर, खिरवनियां, अजवनियां, मंझरियां, लहसड़ी, नदूआ, लालपुर टीकर, मिर्जापुर, बखरियां, नउआ अव्वल, गौर बरसाइत, झंगहा, केरियां, फरसहीं, पिपरी, नौसड़, महेवा, माधोपुर आदि इलाकों की करीब 3 लाख से अधिक की आबादी इससे प्रभावित हुई है। वहीं, रोहिन नदी बढ़ने से बुढेली, सरहरी, बनरहा, सियारामपुर, रामपुर गोपालपुर, बालापार, पीपीगंज, चिलुआताल, रामपुर नयागांव, मखनहां सहित 20 से अधिक गांवों की भी 3 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है।

रिपोर्ट – आर डी अवस्थी

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