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बलरामपुर: पूर्व सांसद की बेटी जेबा रिजवान ने जिला प्रशासन पर लगाया एक तरफा कार्रवाई का आरोप।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत 26 अप्रैल को मतदान के बाद तुलसीपुर थाना क्षेत्र के बेलीकला गांव में हुए बवाल में पूर्व सांसद रिजवान जहीर व उनके दामाद रमीज को जेल हो गईं हैं। पूर्व सांसद की बेटी बसपा नेता जेबा रिजवान ने पिता व पति का बचाव करते हुए मामले में एकतरफ कार्रवाई एवं पुलिस पर फर्जी फंसाने का आरोप लगाया है। साथ ही देश की न्यायपालिका पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ हमारे पति को मारा गया, हमने जिला प्रशासन का सहयोग किया। वहीं, दूसरी तरफ हमारे पिता, पति और लोगों को जेल भेजा गया। ये कहाँ का न्याय है।

हम 30 वर्षों से कर रहे हैं राजनीति :-

बलरामपुर जिला मुख्यालय पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में जेबा रिज़वान ने कहा कि उनकी मां पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हुमा रिजवान नवानगर जिला पंचायत से चुनाव लड़ रहीं हैं। दस साल वह जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं हैं। पिछले पंचायत चुनाव में अध्यक्ष पद रिजर्व था। इसलिए चुनाव नहीं लड़ा था। मतदान शांतिपूर्ण चल रहा था, तभी दीपांकर के समर्थकों ने बवाल शुरू कर दिया। करीब 25 अज्ञात लोगों ने उनके पति रमीज को मारा-पीटा। पति के साथ घटना की जानकारी होने पर पिता रिजवान जहीर व मैं मौके पर उन्हें बचाने के लिए पहुंचे। अगर देर हो जाती तो उपद्रवी उन्हें जान से मार देते।

हमने भी दी थी तहरीर :-

उन्होंने कहा कि हम लोग मौके पर अधिकारियों के आने का इंतजार कर रहे थे। डीएम व एसपी मौके पर पहुंचे और उल्टा हमारे परिवारजन को ही दोषी बना दिया। बसपा नेत्री ज़ेबा ने कहा कि मेरे पति रमीज को मारकर घायल करने वाले 25 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

विरोधियों को प्रशासन दे रहा संरक्षण :-

जेल में बंद पूर्व सांसद पुत्री ने बताया कि विपक्षियों पर मामूली धाराएं लगाकर प्रशासन उन्हें संरक्षण दे रहा है। मेरे पिता रिज़वान ज़हीर को सभी मामलों में न्यायालय ने बाइज्जत बरी किया है। सिर्फ एक भूख हड़ताल का मामला है। ऐसे में पुलिस अधीक्षक उन्हें बिना आधार के अपराधी करार दे रहे हैं। किसी सम्मानित आदमी का पुलिस ऐसे कैसे चरित्र चित्रण कर सकती है?

नहीं हुई बूथ कैप्चरिंग :-

ज़ेबा रिज़वान बताया कि मेरे पिता या लोगों ने कभी बूथ कैपचरिंग की राजनीति नहीं की है। जनता हमें पसंद करती है और हम चुनाव जीते हैं। कोई प्रत्याशी जीता हुआ, चुनाव नहीं बिगाड़ता। अगर जिला प्रशासन ने निष्पक्ष मतगणना करवाई तो दो मई को होने वाली मतगणना में इसकी तस्वीर साफ हो जाएगी।

मुझे न्यायालय पर भरोसा :-

जेबा रिजवान ने कहा कि मुझे भारतीय संविधान और न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। मेरे पिता को जैसे पहले के सभी मामलों में बरी किया गया है। वैसे ही वह इस बार भी लड़ाई जीतने का काम करेंगे। हमने कभी पक्ष में रहते हुए भी इस तरह का कार्य नहीं किया है। हमारा परिवार जिले में पिछले 30 वर्षों से राजनीति कर रहा है और उसकी यहां के जनता के प्रति अपनी सत्यनिष्ठाता है। इसलिए हम बहुत जिम्मेदारी से कहते हैं कि हमने ऐसा कुछ नहीं किया, जिससे जनता को किसी तरह की समस्या हो।

रिपोर्ट – योगेंद्र विश्वनाथ, बलरामपुर

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