mosbetlucky jetmostbetmosbetlucky jetparimatchaviatoraviatoronewin casinomostbet azmosbet1 winlucky jet casino4rabetmostbet aviator login4x bet1win casinopinup login1winlucky jet crash1winpinup kzmostbet casinopinup login1win slotsmostbetpin upmostbet kz1 win1win uzmostbet casino1win4r bet1 win kzlacky jetpin up 777mosbet aviatorpin upmostbetparimatch1 win1 winpin-upmostbet onlinepin-upmostbetpin up az1 win4rabet bd1win aviatorpin up azerbaycan

हरदोई: पुलिस की सूझबूझ से दूसरा विष्णु तिवारी जेल जाने से बचाया जा सका

हरदोई:  पुलिस की कुशल कार्यशैली व उच्चाधिकारियों के कुशल नेतृत्व ने प्रदेश में एक और विष्णु तिवारी बनने से बचा लिया हालांकि विष्णु तिवारी 20 साल बाद रेप के फर्जी मुकदमे में जेल से रिहा हुआ तब तक उसकी पूरी दुनिया ही उजाड़ हो चुकी थी ।

कुछ ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के जनपद हरदोई में भी प्रकाश में आया जिसमे एक महिला के द्वारा पंचायत चुनाव की रंजिश के चलते दुराचार का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया मगर हरदोई पुलिस की सूझबूझ के चलते एक निर्दोष को जेल की दीवारों में कैद होने से बचाया जा सका ।

महिला शशक्तिकरण का दुरूपयोग कर किसी की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करना खुद शिकायतकर्ता को जेल की दीवारों में कैद कर बैठा।

दरअसल मामला हरदोई शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गौरियापुरवा का है जहां पर पंचायत चुनाव के चलते चुनावी रंजिश में गांव की ही एक महिला रेनू पत्नी संजय ने गांव के ही पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि भन्नु सिंह व उसके पारिवारिक भाई छुन्ना पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज करा दिया जिसके बाद पुलिस ने मामले की अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दी तथा जिसके विरोध में गांव के ही चेतराम, भैयालाल , वेदप्रकाश, शिवप्रकाश, व चेतराम की कथित पुत्री रेनू ( शिकायतकर्ता ) ने हरदोई कलेक्ट्रेट में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया, मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को हुई जिसके बाद एक पुलिस टीम का गठन हुआ जिसमें हरदोई सी ओ सिटी विकास जायसवाल , एल आई यू इंस्पेक्टर श्रीश शर्मा उप निरीक्षक रामग्रय हे. का. अशोक यादव व अन्य लोगों के द्वारा इस मामले के छानबीन शुरू की गई ।

पुलिस ने हर एक बिंदु की बारीकी से छानबीन की तथा सुरागरसी व गोपनीय सूचनाओं व शिकायतकर्ता और उसके सहयोगियों के बयानों पर भी विशेष ध्यान दिया गया जिसमें मामले को फर्जी पाया गया।

शिकायतकर्ता के द्वारा भन्नु व छुन्ना पर लगाए गए आरोप के बाद भन्नु ने भी थाने में एक तहरीर दी थी जिसमे उसके द्वारा बताया गया था कि उसके ऊपर मुकदमे को लेकर अनुपचारिक दबाव बनाया जा रहा उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है तथा जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है और यह सब चुनावी रंजिश के चलते हो रहा है। पुलिस के द्वारा भन्नु की तहरीर पर गहनता से छानबीन की गई और छानबीन में भन्नु पर लगे आरोप गलत पाए गए और भन्नु की तहरीर के अनुसार यह पूरा मामला केवल चुनावी रंजिश के चलते फर्जी मुकदमे में फंसाने के लिए ही यह पूरा सडयंत्र रचा गया

मामले का खुलासा करते हुए हरदोई पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चेतराम की कथित पुत्री रेनू ने चुनावी रंजिश व वसूली के लिए इस पूरे मामले को उत्पन्न किया था रेनू ने स्वयं पर हुए रेप के फर्जी मुकदमे में भन्नू व छुन्ना को जेल भेजने का सडयंत्र रचा मगर पुलिस की कुशल कार्यशैली व पुलिस अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में निर्दोष को जेल जाने से बचाया जा सका तथा उन सभी पांचों सडयंत्रकारी जो इस मामले में शामिल थे उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है व अन्य अभियुक्तों की तलाश की जा रही है साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो भी इस मामले में शामिल है उनके खिलाफ की शक्त कार्यवाही की जाएगी। एस पी अनुराग वत्स ने मामले का खुलासा करने वाली टीम की सराहना भी की।

हरदोई से शिवहरि दीक्षित की रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *