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गोरखपुर पहुंचे सीएम योगी ने किया रामकथा का शुभारंभ।

गोरखपुर :उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मलीन गोरक्षपीठाधीश्वरद्वय महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ को नमन करते हुए कहा कि मेरे दादा गुरु और गुरुदेव श्रीराम मंदिर आंदोलन के नींव के पत्थर हैं। पांच सदी के लंबे इंतजार के बाद आज जब प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रशस्त हुआ, मंदिर आंदोलन को नई ऊंचाई मिली है तो ब्रह्मलीन महंतद्वय की आत्मा को अपार आत्मिक शांति मिली होगी।
शुक्रवार को दो दिनों के दौरे पर गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं व ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 7वीं पुण्यतिथि पर आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के अंतर्गत शुक्रवार को ‘”भगवान श्रीराम-श्रीकृष्ण कथा का तात्विक विवेचन”‘ विषयक कथामृत ज्ञानयज्ञ के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। कथा का अमृतपान अयोध्याधाम से पधारे जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य जी द्वारा कराया जा रहा है।


गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय ने पूरा जीवन देश, लोक कल्याण व सनातन धर्म के मानबिन्दुओं की पुनर्स्थापना को समर्पित कर दिया। बीते सौ सालों में देश-धर्म को प्रभावित करने वाली कोई ऐसी घटना नहीं होगी जिसमें महंतद्वय की प्रत्यक्ष या परोक्ष भागदारी न रही हो। लोक कल्याण ही उनका ध्येय था।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि आज विश्वकर्मा जयंती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पावन जन्मदिन भी। पीएम मोदी को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए सीएम ने कहा कि उन्होंने देश को नई दिशा देते हुए वैश्विक मंच पर राष्ट्र का मान-सम्मान बढ़ाया है। पीएम के कार्य अनुकरणीय व अभिनंदनीय हैं। हम गौरवान्वित हैं कि देश का नेतृत्व हर नागरिक के हित के बारे में सोचता है। हम सबकी कामना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व लंबे समय तक प्राप्त होता रहे।
कथामृत ज्ञानयज्ञ के शुभारंभ के अवसर पर गोरखनाथ मुख्य मंदिर से महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार तक शोभायात्रा भी निकाली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसमें सम्मिलित हुए। इस अवसर पर अयोध्या के स्वामी सुरेशदास, स्वामी राघवाचार्य, वाराणसी के संत संतोषदास ‘”सतुआ बाबा'”, समेत कई संतगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


गोरखनाथ मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में शनिवार से पुण्य तिथि समारोह शुरू होगा। पहले दिन शनिवार को दैनिक पूजन ध्यान के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ हिन्दू सेवाश्रम एवं यात्री निवासी में जनता दर्शन में फरियादियों की पीड़ा सुनेंगे। उसके बाद ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में 10.30 बजे सम्मेलन में शामिल होंगे।
इस दिन एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना पर चर्चा होगा। जिसमें मुख्य अतिथि महंत सुरेश दास, अवधेश दास, महंत शिवनाथ, स्वामी विद्या चैतन्य, गोपाल जी, स्वामी श्रीधराचार्य, राघवाचार्य, महंत राजू दास, शेरनाथ और धर्मदास मंच पर रहेंगे। सीएम की अध्यक्षता में मुख्य वक्ता राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी और वक्ता प्रोफेसर हर्ष कुमार सिन्हा संबोधित करेंगे।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए फिजिकल डिस्टेंसिंग के पालन के क्रम में श्रद्धांजलि सभा और श्रीराम कथा में प्रत्यक्ष रुप से सीमित श्रद्धालु ही शामिल हो हुए। इसके लिए दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में 6-6 फीट की दूरी पर कुर्सियां लगाई गई हैं। कुर्सियों पर बैठने वालों के नाम भी पहले से तय हैं। रामकथा में शामिल होने वाले यजमान और उनके परिवार वालों को ही कुर्सियों पर स्थान मिल रहा है।

रिपोर्ट – आर डी अवस्थी

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