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“दुनिया इधर से उधर हो जाए ‘अरविंद सिंह गोप’ समाजवादी ही रहेंगे”, बेटे अविरल भी बनेंगे राजनीति के कुंवर! रोचक इंटरव्यू.. Exclusive The Indian Opinion

दीपक मिश्रा,

तीन बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुके अरविंद सिंह गोप उत्तर प्रदेश की सियासत का जाना पहचाना नाम है। समाजवादी पार्टी से अपनी सियासी पारी शुरू करने वाले अरविंद सिंह को छात्र नेता के रूप में भी लोकप्रिय रह चुके हैं दो बार बाराबंकी के हैदरगढ़ विधानसभा से विधायक रह चुके हैं और एक बार रामनगर विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। समाजवादी पार्टी में प्रदेश महासचिव भी रह चुके हैं और अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं।

अरविंद सिंह गोप से उनके निजी जीवन और राजनीतिक जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर खास बातचीत की हमारे वरिष्ठ राज्य संवाददाता दीपक मिश्रा ने।


प्रश्न: कहा जाता है कि जब आप बाराबंकी जीआईसी में पढ़ते थे तभी से राजनीति और आपका झुका हो गया था जबकि आपके पिता सरकारी अधिकारी थे और आमतौर पर अधिकारियों के बच्चे सरकारी नौकरियों की ओर आगे बढ़ते हैं?

उत्तर: आपने बिल्कुल सही कहा हमारे पिताजी बाराबंकी में पशु चिकित्सा अधिकारी थे और निदेशक के पद से रिटायर हुए लेकिन छात्र राजनीति के शुरुआती दौर से ही हम समाजवादी पार्टी की नीतियों से आकर्षित हुएl आदरणीय नेताजी मुलायम सिंह यादव को हमने नेता माना और उन्हीं के पद चिन्हों पर चलने का प्रयास किया समाजवादी पार्टी की ओर से लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रसंघ का चुनाव जीता और हैदर गढ़ से विधानसभा चुनाव जीता उनके नेतृत्व में ही 3 बार विधायक और दो बार मंत्री बनने का मौका मिला।

प्रश्न: 2017 के विधानसभा चुनाव के पहले 2012 में आप की पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला था लेकिन 2017 तक ऐसा क्या हुआ कि तमाम काम करने के बावजूद समाजवादी पार्टी बहुत भारी अंतर से विधानसभा चुनाव हारी और भाजपा को बड़ा बहुमत मिला जो पार्टी इतनी लोकप्रिय थी वह अचानक इतने भारी अंतर से चुनाव कैसे हारी ?

उत्तर: समाजवादी पार्टी ने राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के हर जिले में सैकड़ों विकास के कार्य किए जिसके बारे में बताने में बहुत समय लगेगा जनहित में तमाम काम करने के बावजूद समाजवादी पार्टी इसलिए चुनाव हारी क्योंकि समाज के हर व्यक्ति तक समाजवादी पार्टी अपने कार्यों का चालाकी से प्रचार नहीं कर पाई जब की चालाकी से प्रचार करने में भारतीय जनता पार्टी बहुत आगे है इसलिए भाजपा जनता को गुमराह करने में सफल रही जबकि भाजपा के राज में प्रदेश का कितना विकास हो रहा है यह जनता देख रही है जनता बेहाल है और 2022 के चुनाव का इंतजार कर रही है।

प्रश्न: आपके बारे में कहा जाता है कि आप लंबे समय से राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद राजधानी लखनऊ की बजाय बाराबंकी में ही रहना पसंद करते हैं, जब आप मंत्री थे तब भी अधिकांश बाराबंकी में ही रहते थे जबकि बाराबंकी के तमाम नेता लखनऊ में अपना घर बना चुके हैं?

उत्तर: यह बात सही है कि बाराबंकी के ज्यादातर नेता लखनऊ में अपना घर बना चुके हैं और लखनऊ में रहने से बहुत सी सुविधाएं भी मिलती हैं लेकिन बाराबंकी से ऐसा प्रेम है कि हमने कभी लखनऊ में बसने का कार्यक्रम नहीं बनाया और अधिकांश समय बाराबंकी में जनता की सेवा में लगाने का प्रयास किया।

प्रश्न: राजनीति के अपराधीकरण का मुद्दा इस समय गर्म है और आपके ऊपर भी कई मुकदमे हैं?

उत्तर: देखिए मैंने हमेशा राजनीति में नैतिकता पर ध्यान दिया और अपराध और अपराधियों से दूर रहना अपने सिद्धांत में शामिल किया जो भी मुकदमे हैं वह छात्र जीवन के लोकतांत्रिक प्रदर्शनों से जुड़े हैं। किसी भी अपराध की गतिविधि से कभी कोई संबंध नहीं रहा राजनीति करने वालों को हमेशा अपराधियों से दूरी बना कर रखना चाहिए।

प्रश्न: कहा जाता है कि आप भाजपा के बड़े नेता राजनाथ सिंह के करीबी हैं यह उम्मीद जताई जा रही थी कि आप बीजेपी में शामिल हो जाएंगे?

उत्तर : मैंने आदरणीय मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में राजनीतिक दुनिया में आंख खोली है और मेरी यही इच्छा है कि जब तक मैं सियासत करूं समाजवादी पार्टी की सियासत करूं और समाजवादी पार्टी का नेतृत्व यह जानता है कि दुनिया इधर से उधर हो जाए लेकिन अरविंद सिंह गोप समाजवादी पार्टी में ही रहेंगे।
मेरी यही इच्छा है कि मेरी राजनीतिक आंख समाजवादी पार्टी के झंडे तले ही बंद हो।

प्रश्न: आपके बड़े भाई बाराबंकी में जिला पंचायत के अध्यक्ष हैं आपका पूरा परिवार आपके राजनीतिक कार्यों में जुड़ा रहता है अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य के बारे में आपका क्या मानना है?

उत्तर: मेरे दो बेटे हैं और मेरा संयुक्त परिवार है बेटे या भतीजे जिस दिशा में जाना चाहे उस दिशा में उन्हें पूरा सहयोग किया जाएगा। हमारे बड़े सुपुत्र अविरल राजनीति में जाने की इच्छा रखते हैं और हमारी भी इच्छा है कि राजनीतिक परंपरा को वह आगे बढ़ाएं जब भी वह राजनीति उतरना चाहेंगे उनका पूरा सहयोग किया जाएगा।

प्रश्न: पिछले चुनाव में आपकी रामनगर विधानसभा सीट को लेकर काफी विवाद हुआ था पूर्व मंत्री राकेश वर्मा भी उसी सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं और आप भी उसी सीट को अपनी मानते हैं इस बार भी यह मुद्दा पार्टी में गर्म है 2022 के चुनाव में रामनगर से कौन लड़ेगा आप लड़ेंगे या फिर राकेश वर्मा लड़ेंगे?

उत्तर: मैं आदरणीय बेनी प्रसाद वर्मा जी के परिवार का बहुत सम्मान करता हूं दुर्भाग्य से वह अब हमारे बीच नहीं हैं रामनगर की जनता से हमारा पारिवारिक लगाव है छात्र जीवन से ही रामनगर के लोगों से हमारा जुड़ाव है।
बाकी पार्टी नेतृत्व जो भी फैसला करेगा वह शिरोधार्य होगा लेकिन मुझे उम्मीद है कि आने वाले चुनाव में रामनगर की जनता का हमें भरपूर आशीर्वाद मिलेगाl

प्रश्न: समाजवादी पार्टी में युवाओं की बड़ी दिलचस्पी रहती है आप से भी बड़ी संख्या में युवा जुड़े हैं राजनीति में आने वाले युवाओं के लिए आपका क्या संदेश है, क्योंकि राजनीति के ग्लैमर को देखते हुए बड़ी संख्या में युवा राजनीति में आकर्षित होते हैं लेकिन जल्दी सफल होने के चक्कर में कई बार मुश्किलों का शिकार हो जाते हैं या फिर निराश होकर तनावग्रस्त हो जाते हैं?

उत्तर: युवाओं को राजनीति में जरूर आना चाहिए लेकिन काफी सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए उन्हें समझना चाहिए कि सफल होने में समय लगता है पूरे धैर्य और समझदारी के साथ राजनीति में आगे बढ़ना चाहिए जल्दी सफल होने का प्रयास खतरनाक हो सकता है अपने नेतृत्व और अपने दल में आस्था रखने चाहिए। जल्दी-जल्दी नेतृत्व बदलना दल बदलना अच्छा नहीं होता। जो धैर्य और सिद्धांतों के साथ राजनीति करते हैं सफलता जरूर मिलती है।

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