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पोस्टिंग में भ्रष्टाचार के मामले में आईएएस फसे, ताकतवर सफेदपोश अभी भी शिकंजे से बाहर!

ब्यूरोक्रेसी में समय समय पर भ्रष्टाचार के मामले प्रकाश में आते रहे हैं, ताज़ा मामला IAS आईपी पांडेय (ईश्वरी प्रसाद पांडेय) का आया है जिसमें डीओपीटी ने IAS आईपी पाण्डेय पर कार्यवाही के मुख्य सचिव को निर्देश दे दिए हैं।

प्रशिक्षण एवं कार्मिक विभाग भारत सरकार ने केडीए वीसी पद पर नियुक्ति के लिए पैसे देने के मामले में शिकायत पर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। शिकायत पर विशेष सचिव आबकारी के पद से आईपी पांडेय को हटा कर राजस्व विभाग में आईएएस आईपी पांडेय सम्बद्ध किये गए थे। केडीए वीसी पद पर तैनाती के लिए घूस का ऑडियो वायरल हुआ था, एसटीएफ ने घूस लेने के 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल में लाखों की डील के मामले में यूपी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आईएएस अधिकारी आईपी (ईश्वरी प्रसाद) पांडेय के विरुद्ध कार्रवाई की है। आबकारी विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात पांडेय को राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया है।
एसटीएफ ने कानपुर विकास प्राधिकरण में पोस्टिंग के नाम पर लेनदेन कर रहे तीन आरोपितों को हाल ही में गिरफ्तार किया था।

जांच में सामने आया कि आईपी पांडेय ने अपने रिश्तेदार के जरिए कानपुर में तैनाती के लिए 15 लाख रुपये दिए थे। एसटीएफ ने प्रकरण में दलाल कथित पत्रकार पीयूष अग्रवाल, गौरीकांत व कमलेश को गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ में जांच एजेंसी के सामने आईएएस आइपी पांडेय का नाम आया। जांच एजेंसी ने संदेह के घेरे में आए आईएएस अधिकारी के विरुद्ध अपनी जांच रिपोर्ट एक दिन पहले ही शासन को सौंपी है।

लेकिन इस मामले में एक बड़ा सवाल यह है कि उस ताकतवर शख्सियत के बारे में एसटीएफ ने अपनी जांच में खुलासा नहीं किया जिसको यह 1500000 रुपए ट्रांसफर के लिए दिए जाने थे, आखिर कौन है सरकार से जुड़ा हुआ व्यक्तित्व जिसके लिए पैसा बटोरा जा रहा था?

कोई तो है जिसने ट्रांसफर मनचाहा ट्रांसफर करवाने का भरोसा दिया था जिसका कद इतना मजबूत इतना बड़ा इतना ताकतवर था कि उसके नाम पर एक आईएएस अफसर ने 1500000 रुपए जैसी बड़ी रकम देना वाजिब समझा!  क्योंकि आग के बगैर धुआं नहीं उठता ठीक इसी तरह बिना किसी सफेदपोश ताकतवर के ट्रांसफर पोस्टिंग का कोई भी रैकेट नहीं चलता ,उत्तर प्रदेश सरकार को इस सवाल का जवाब भी ढूंढना चाहिए।

इस मामले में भारत सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर की शिकायत का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को कार्रवाई के निर्देश दिए है।

रिपोर्ट – मनीष सिंह,

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