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लखनऊ – CM योगी ने की टीम-9 के साथ की बैठक, विस्तृत दिशा निर्देश जारी-

  • पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में नए केस में गिरावट आ रही है जबकि डिस्चार्ज होने वालों की संख्या बढ़ रही है। बीते 24 घंटों में प्रदेश में 25,858 नए कोविड केस की पुष्टि हुई है, जबकि इसी अवधि में 38,683 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। प्रदेश में अब तक 10,43,134 लोगों ने कोविड को हराकर आरोग्यता प्राप्त की है। यह स्थिति संतोषप्रद है। प्रदेश में नए कोविड केस कम हो रहे हैं, जबकि रिकवरी दर बेहतर हो रही है।
  • उत्तर प्रदेश सर्वाधिक टेस्टिंग करने वाला राज्य है। बीते 24 घंटों में 2,08,558 सैम्पल टेस्ट हुए, जिसमें 1,18,000 टेस्ट केवल आरटीपीसीआर माध्यम से हुए। अब तक प्रदेश में 4.18 करोड़ टेस्ट हो चुके हैं। ‘टेस्ट, ट्रैक ट्रीट’ के मंत्र के अनुरूप कार्यवाही तेजी से की जाए।
  • कोविड मरीजों की स्वास्थ्य सुरक्षा में हमारे चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ सहित सभी अस्पतालों की ओर से सतत सहयोग प्राप्त हो रहा है। इनका सेवाभाव और दायित्व निर्वहन की भावना प्रेरणास्पद है।
  • कोविड मरीजों के इलाज एवं देखभाल में सेवारत चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों, पैरामेडिकल स्टाफ, हाउसकीपिंग स्टाफ, स्वच्छताकर्मियों आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं आदि की सेवाएं सेवाभाव और कर्तव्यपरायणता का उत्कृष्ट उदाहरण है। सरकार ऐसे कार्मिकों को प्रोत्साहन प्रदान अतिरिक्त मानदेय प्रदान करने की घोषणा की है। अस्पतालों में सेवारत चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ को कोविड सेवा के दिवसों के लिए वर्तमान वेतन/मानदेय का 25 फीसदी अतिरिक्त देय होगा।इसी प्रकार अन्य कोरोना वॉरियर्स के लिए भी अतिरिक्त मानदेय प्रदान किया जाएगा। यह अतिरिक्त मानदेय ड्यूटी के उपरांत इनके आइसोलेशन अवधि के लिए भी दिया जाएगा। मेडिकल/नर्सिंग अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की सेवाएं भी कोविड सेवा कार्य में ली जाएंगी, उन्हें भी मानदेय प्रदान किया जाएगा।
  • कोविड सम्बन्धी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों में सेक्टर मैजिस्ट्रेट प्रणाली लागू की गई है। सेक्टर मैजिस्ट्रेट अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण करें। हॉस्पिटल के बाहर भी यह लोग भ्रमण करते रहें, लोगों की मदद करते रहें। हर छोटी-बड़ी गतिविधियों पर सीधी नजर रखें। हर जरूरतमंद को सरकारी नीतियों के अनुरूप सभी जरूरी मदद उपलब्ध कराएं। इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। कोविड मरीजों के लिए शासन द्वारा तय डिस्चार्ज पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
  • प्रदेश में रेमेडेसीवीर सहित जीवनरक्षक मानी जा रही सभी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए रेमेडेसीवीर का दैनिक आवंटन भी बढ़ा दिया है। सरकारी कोविड अस्पतालों में यह इंजेक्शन पूर्णतः निःशुल्क है। निजी अस्पतालों को जरूरत के अनुसार डीएम/सीएमओ द्वारा इसकी उपलब्धता कराई जा रही है। सभी जिलाधिकारी और सीएमओ यह सुनिश्चित करें कि जब भी किसी मरीज को यह इंजेक्शन दिया जाए तो वहां नर्सिंग स्टाफ के साथ-साथ एक चिकित्सक भी उपस्थित हो। इस जीवनरक्षक दवा की मांग, आपूर्ति और खपत का पूरा विवरण रखा जाए।
  • प्रदेश के कतिपय जनपदों में कुछ अस्पतालों में अव्यवस्था की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जनपद के सीएमओ यह सुनिश्चित करें कि कोविड अस्पतालों में वरिष्ठ चिकित्सक नियमित अंतराल पर भ्रमण करते रहें। सभी निजी एवं सरकारी कोविड अस्पताल में एक व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जाए कि वह दिन में कम से कम एक बार मरीज के स्वास्थ्य की अद्यतन जानकारी उसके परिवारीजन को अवश्य दे। यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू कराई जाए। आपदा की इस स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ व्यवहार होना चाहिए।
  • कोविड संक्रमण से ग्रस्त ज्यादातर लोग समुचित चिकित्सकीय परामर्श से होम।आइसोलेशन में रहते हुए ही स्वस्थ हुए हैं। बहुत कम संख्या ऐसी है जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत होती है। डीएम/सीएमओ होम आइसोलेशन में उपचाराधीन लोगों को मेडिकल किट समय से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। लापरवाही की स्थिति में शासन स्तर से इनकी जवाबदेही तय की जाएगी। आइसीसीसी और सीएम हेल्पलाइन हर दिन ऐसे मरीजों से संवाद स्थापित करे। होम आइसोलेशन के मरीजों के लिए टेलीकन्सल्टेशन व्यवस्था को और बेहतर किये जाने की जरूरत है।
  • कोविड और नॉन कोविड मरीजों के लिए सभी जिलों में एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। 108 सेवा की 50 फीसदी एम्बुलेंस कोविड के लिए आरक्षित है। इसी प्रकार शव वाहन भी लगाए गए हैं। अंत्येष्टि की क्रिया पूरे सम्मान के साथ निःशुल्क कराई जाए। जनहित से जुड़ी इस व्यवस्था की सतत मॉनीटरिंग करने की आवश्यकता है। विशेष सचिव स्तर के एक अधिकारी को इस कार्य के लिए नियुक्त किया जाए।
  • कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकार सतत आवश्यक कदम उठा रही है। वर्तमान में 06 मई प्रातः 07 बजे तक आंशिक कोरोना कर्फ्यू प्रभावी है। इस अवधि में आवश्यक और अनिवार्य सेवाएं सतत जारी रखी जाएं।। दवा, सब्जी, किराना की दुकानें, औद्योगिक इकाइयां आदि सतत संचालित रहें। कहीं भी अनावश्यक भीड़ न लगे।
  • आंशिक कोरोना कर्फ्यू के कारण कहीं भी किसी श्रमिक, ठेला, रेहड़ी व्यवसायी, दैनिक मजदूर आदि को भोजन की समस्या न हो, ऐसे में ‘सामुदायिक भोजनालयों’ के संचालन की आवश्यकता है। कृषि उत्पादन आयुक्त स्तर से इस संबंध में आवश्यक प्रयास किए जाएं। औद्योगिक इकाइयों में भोजन का आदि का आवश्यकतानुसार प्रबन्ध रहे। कोई भी व्यक्ति भोजन के अभाव में परेशान न हो, इसे सुनिश्चित किया जाए।
  • कोविड पर प्रभावी नियंत्रण और आवश्यक रणनीति के लिए राज्य स्तर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का एक सलाहकार पैनल तैयार किया जा रहा है। यह पैनल राज्य स्तरीय टीम-09 को समय-समय पर परामर्श देगी साथ ही सभी कोविड हॉस्पिटल प्रभारियों/मेडिकल कॉलेज के प्राचार्यों से सतत संपर्क में रहेगी। उनका मार्गदर्शन करती रहेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का परामर्श रणनीति तैयार करने में उपयोगी होगा।
  • कोविड संक्रमण की स्थिति को देखते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। मेडिकल एजुकेशन, स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी कोविड मरीजों के उपचार के लिए क्रियाशील किया गया है। जरूरत बेड की संख्या बढ़ाने की है। हमें सभी जिलों में बेड्स की वर्तमान क्षमता को दोगुना करना होगा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री स्तर से कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाए।
  • लखनऊ में एचएएल द्वारा 250 बेड का हॉस्पिटल जल्द ही क्रियाशील ही जायेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां के लिए मानव संसाधन की व्यवस्था कराई जाए। इसी प्रकार लखनऊ और वाराणसी में डीआरडीओ के सहयोग से सभी सुविधाओं से युक्त नया कोविड अस्पताल भी तैयार किया गया है। केजीएमयू में 140 बेड और बढ़ जाएंगे। लखनऊ में ही कैंसर हॉस्पिटल में विशेष कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल क्रियाशील हो रहा है।
  • कोविड संक्रमण से गांवों को सुरक्षित रखने के लिए 05 मई से विशेष कोविड टेस्टिंग अभियान शुरू हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस वृहद अभियान के सम्बंध में टेस्ट किट, आरआरटी की संख्या आदि में बढ़ोतरी सहित सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाए।
  • सभी जिलों में एक-एक ऑक्सिजन रीफिलर को होम आइसोलेशन के मरीजों को आपूर्ति करने के लिए नामित किया जाए। होम आइसोलेशन में उपचाराधीन लोगों को जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन जरूर उपलब्ध कराया जाए। यह व्यवस्था सभी जिलों में प्रभावी ढंग से लागू की जाए। यदि किसी मरीज का परिजन सिलिंडर रीफिलिंग के लिए प्रयासरत हो तो उसकी मदद की जाए। पुलिस द्वारा किसी प्रकार के उत्पीड़न किये जाने की शिकायत न आये। अपर मुख्य सचिव, गृह इस संबंध में आवश्यकतानुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।
  • प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति बेहतर करने के लिए सभी जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं। कल 788 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्रदेश में वितरित की गई है। ऑक्सीजन ऑडिट की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अनावश्यक खपत में कमी आई है। हर जिले की मांग, आपूर्ति और खपत का दैनिक विवरण मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए।
  • 10 टैंकर वाली एक विशेष ऑक्सिजन एक्सप्रेस आज दोपहर में लखनऊ आ रही है। अगले एक-दो दिवस के भीतर जामनगर (गुजरात) से 40 टन ऑक्सीजन के साथ ऑक्सीजन एक्सप्रेस आएगी। पश्चिम बंगाल से भी टैंकर से ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है। सभी जिलों में आक्सीजन की जरूरत पर नजर रखी जाए। अपेक्षाकृत कम संक्रमण वाले जिलों की ऑक्सीजन की जरूरतों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
  • अयोध्या में बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को पुनः संचालित कराया जा रहा है। 34 जिलों में 50-50 बेड वाले सीएचसी में गन्ना विकास विभाग एवं आबकारी विभाग द्वारा चीनी मिलों और डिस्टिलरीज के माध्यम से ऑक्सीजन जेनेरेशन की दिशा में विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।एमएसएमई इकाइयों से भी सीधे अस्पतालों को जोड़कर आपूर्ति कराई जा रही है। भारत सरकार को 61 जिलों में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। 14 जिलों में पीएम केयर्स से प्लांट स्थापना का कार्य जारी है। नए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की कार्यवाही तेजी से पूरी की जाए। इसकी हर दिन समीक्षा की जाए।
  • कोविड टीकाकरण का कार्य प्रदेश में सुचारू रूप से चल रहा है। 18-44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण सात जिलों में सोमवार से शनिवार तक हर दिन हो रहा है। वैक्सीन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सीरम इंस्टिट्यूट और भारत बायोटेक के भारतीय विकल्पों के साथ- साथ अन्य वैश्विक संस्थाओं से संपर्क में है। इसके लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया जा रहा है। इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।
  • स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। इसके लिए फायर विभाग के वाहनों का भी उपयोग किया जाए। मास्क के अनिवार्य उपयोग के सम्बन्ध में प्रवर्तन की कार्यवाही प्रभावी ढंग से जारी रखी जाए। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समिति पूरी सक्रियता से कार्य करें। औद्योगिक इकाइयों में कोविड प्रोटोकाॅल का पालन कराते हुए गतिविधियां संचालित की जाएं।
  • – आइसीसीसी, कोविड प्रबंधन की रीढ़ है। लखनऊ सहित सभी जिलों में आइसीसीसी के कार्मिक मरीजों/परिजनों को समुचित जानकारी दें। व्यवहार संवेदनशील रखें। डीएम व सीडीओ हर दिन यहां भ्रमण कर निरीक्षण जरूर करें। दैनिक बैठक यहीं होनी चाहिए। जिलों में कोविड व नॉन कोविड मरीजों के लिए टेलीकन्सल्टेशन सुविधा को और बेहतर किये जाने की जरूरत है।

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