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शिक्षकों की मौत का न बनाये मजाक, अन्यथा होगा आंदोलन- यूटा

बाराबंकी: शिक्षक संगठन यूटा के पदाधिकारियों ने वर्चुअल मीटिंग कर सरकार को चेतावनी दी है कि चुनाव ड्यूटी प्रशिक्षण से लेकर अब तक कोरोना संक्रमण के कारण दिवंगत हुए प्रत्येक शिक्षक के परिजनों को अनुग्रह राशि प्रदान करे अन्यथा यूटा शिक्षक हित में आन्दोलन को बाध्य होगा।

ज्ञात हो एक तरफ कोरोना संक्रमण से प्रदेश में अब तक ज्ञात हुआ है कि 1976 शिक्षक कोरोना संक्रमण के कारण दुनिया से चल बसे और उनके माध्यम से बड़ी संख्या में संक्रमित हुए उनके परिजनों की असमय मृत्यु होने से करीब 6000 परिवारों में मातम छाया हुआ है। वही दूसरी तरफ अनुग्रह धनराशि 30 लाख न देनी पड़े इसके लिये सरकार के प्रतिनिधि एवं उच्चाधिकारी संवेदनहीन तरीक़े से मात्र तीन शिक्षकों की मौत की बात कहकर दिवंगत कार्मिकों की मृत्यु पर आंकड़ों का घिनौना मजाक बना रहे है। चुनाव आयोग, पंचायती राज एवं बेसिक शिक्षा विभाग की इस दूषित मानसिकता से पोषित कार्यवाही से आहत शिक्षक संगठन यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।

प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर के नेतृत्व में बुधवार को यूटा द्वारा आयोजित वर्चुअल मीटिंग में प्रदेश कार्यसमिति के अलावा प्रदेश के लगभग समस्त जनपदों के जिलाध्यक्षों सहित संगठन के पदाधिकारियों ने प्रतिभाग कर संयुक्त रूप से चेतावनी दी कि सरकार कार्मिकों की मृत्यु पर सामान्य मृत्यु जैसी अशोभनीय बात कहकर उनका मजाक न बनाएं अन्यथा प्रदेश के लाखों शिक्षक सड़क पर आंदोलन करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना संक्रमण से मृत्यु का एक भी ऐसा मामला नही रहा है कि जिसमें संक्रमित होने के 24 से 48 घंटे में मृत्यु हो गयी हो। फिर सरकार द्वारा जारी आदेश में यह कहना कि चुनाव कराने जाने से लेकर वापस आने की अवधि में हुई मृत्यु ही अनुग्रह राशि पात्रता की श्रेणी में होगी, कहाँ तक न्यायोचित है। यूटा की माँग है कि सरकार के प्रतिनिधि एवम शासन के अधिकारी नैतिकता के आधार पर अनुग्रह राशि देने के लिए तय किये गए मानकों में संशोधन करे।

संगठन के पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया कि प्रदेश भर में दिवंगत हुए प्रत्येक शिक्षक के परिजनों की जीविका की लड़ाई यूटा अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर लड़ेगा। वर्चुअल बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि विभाग 69 हजार भर्ती के तहत नवनियुक्त शिक्षकों को माध्यमिक की तर्ज पर दो सत्यापन के बाद शपथपत्र के आधार पर वेतन देने के सम्बन्ध में निर्देश जारी नही करता है तो यूटा सोशल मीडिया के माध्यम से “निंदा अभियान” चलाएगा।

बैठक में प्रदेश कोषाध्यक्ष वीपी बघेल, संगठनमंत्री यादवेन्द्र शर्मा के अलावा समस्त जनपद के जिलाध्यक्ष सहित बाराबंकी से जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार, धर्मेन्द्र वर्मा, पूर्णेश प्रताप सिंह, सत्येंद्र भास्कर, दीपक मिश्रा, शाकिब किदवई, प्रदीप श्रीवास्तव, राजकपूर सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के अंत में प्रदेश के सभी पदाधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत साथी शिक्षकों को श्रद्धांजलि दी।

रिपोर्ट- नितेश मिश्रा

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