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सुशिक्षित, सौम्य, सुलभ प्रत्याशी के रूप में लोकप्रिय हो रहे हैं तनुज पुनिया!

बाराबंकी की राजनीति में उसी समय बदलाव की शुरुआत हो गई थी जब 2006 के वर्ष में डॉक्टर पी एल पुनिया ने कुर्सी फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से अपनी सियासत की शुरुआत कर दी थी । सज्जनता विनम्रता और जनता के लिए सुलभ रहने के अपने विशेष गुणों की वजह से पीएल पुनिया बाराबंकी में तेजी से लोकप्रिय हुए और इसी वजह से ऐतिहासिक मत पाकर 2009 में बाराबंकी के सांसद बन गए।

इसके बाद से अब तक वह लगातार बाराबंकी की राजनीति के अहम किरदार के रूप में पूरे देश में चर्चित हैं और उनकी सियासी काबिलियत का लोहा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने भी माना जब उन्होंने छत्तीसगढ़ में भाजपा की पुरानी सरकार को उखाड़ कर कांग्रेस को पुनःस्थापित कर दिया।

उनकी काबिलियत और उनके व्यक्तित्व की स्पष्ट छाया उनके सुपुत्र तनुज पुनिया में भी दिखती है। 2017 में बाराबंकी की सियासत में जोरदार आमद करने वाले तनुज पुनिया ने पहले ही चुनाव में 82000 से ज्यादा वोट हासिल करके यह दिखा दिया की जनता उनके साथ है।

जातिवाद की राजनीति और कूटनीति के सियासी समीकरण भले ही तनुज पुनिया जैसे सरल और सभी वर्गों का सम्मान करने वाले प्रत्याशियों के लिए कठिनाई पैदा करें लेकिन सभी वर्गों के साधारण मतदाताओं के बीच तनुज पुनिया एक सरल और सज्जन राजनीतिक व्यक्तित्व के रूप में लगातार लोकप्रियता अर्जित कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, जैदपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता के बीच वह लगातार पूरे 5 वर्ष बने हुए हैं । निष्पक्ष भाव से लगभग सभी वर्गों के लोग उन्हें योग्य और बेहतर मानते हैं ज्यादातर प्रत्याशी जहां चुनाव के कुछ दिनों पहले ही सक्रिय हुए हैं वहीं तनुज पुनिया के बारे में उन लोगों का यही मानना है कि वह लगातार क्षेत्र में बने रहे हैं और जनता के बीच उनके सुख-दुख में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं।

जैदपुर विधानसभा के सियासी समीकरण में मुस्लिम और अनुसूचित जाति के मतदाताओं की बड़ी भूमिका है सामान्य वर्गों के साथ-साथ कुर्मी समाज के वोटर भी अच्छी संख्या में है। “तनुज पुनिया कहते हैं कि इस बार उन्होंने उन सभी बिंदुओं पर काम किया है जिसकी वजह से पिछले चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली तमाम कमजोर पहलुओं को मजबूत किया गया है और खास बात यह है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के कठिन परिश्रम के चलते महिलाओं और छात्र-छात्राओं में कांग्रेस को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है”।

उन्हें विश्वास है कि मतदाताओं का आशीर्वाद इस बार जरूर मिलेगा और ज़ैदपुर विधानसभा को उत्तर प्रदेश की विकसित विधानसभा बनाने का उनका लक्ष्य पूरा होगा।

द इंडियन ओपिनियन,बाराबंकी

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