
बाराबंकी में रामसनेहीघाट तहसील और जैदपुर थाना अंतर्गत लोहार पुर गांव में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और पटाई के लिए मिट्टी डंप कर रहे डंपर वाहन से कुचलकर किसान की मौत होने के बाद लापरवाह बने पुलिस प्रशासन को अपना फर्ज याद आया।
डंपर से कुचलकर जब एक किसान की मौत हो गई तब अधिकारियों ने अवैध निर्माण पर कार्यवाही की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लोहार पुर गांव में चारागाह की सरकारी भूमि पर निर्माण कार्य हो रहा था और जिस जमीन पर खनन माफियाओं द्वारा मिट्टी गिराई जा रही थी वह जमीन चरागाह की थी जिस पर लोहार पुर निवासी प्रवेश कुमार काफी दिनों से निर्माण कार्य करा रहे थे जिस पर लेखपाल ने कई बार मना किया उसके बावजूद प्रवेश कुमार नहीं माने और इस पर निर्माण कार्य करवाते रहे इस पर लेखपाल राजेंद्र गुप्ता ने 9 अक्टूबर प्रार्थना पत्र जैतपुर पुलिस को निर्माण कार्य रोकने और कार्यवाही करने के लिए प्रेषित की थीl लेकिन जैतपुर पुलिस की मिलीभगत के चलते अवैध निर्माण लेखपाल की शिकायत के बावजूद नहीं रोका गया।

वहीं अवैध निर्माण के स्थल पर मिट्टी पटाई के लिए मिट्टी खनन करके डंपर मौके पर जा रहा था और डंपर की चपेट में आकर एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई जिसके बाद हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों की फटकार के बाद जैतपुर पुलिस और रामसनेहीघाट के तहसीलदार मौके पर पहुंचे और उन्होंने जेसीबी से अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया
लोगों में इस बात को लेकर काफी नाराजगी है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत में बहुत दिनों से हो रही थी वही इस अवैध निर्माण के चलते एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई और उसका परिवार अकेला हो गया तब जाकर पुलिस प्रशासन को अपना फर्ज याद आया।
तहसीलदार आरएस घाट तपन मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को तत्काल गिराने का आदेश दिया और उनके आदेश के बाद जेसीबी से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया यदि यही कार्यवाही कुछ दिन पहले हुई होती तो एक गरीब की किसान का परिवार बेघर होने से बच जाता।