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पीएम मोदी ने स्वीकारा “द इंडियन ओपिनियन” की अपील! जनता से स्थापित किया संवाद, की महत्वपूर्ण बात

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “द इंडियन ओपिनियन” की अपील स्वीकार करते हुए जनता से संवाद स्थापित किया और विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय भी रखी, आपको बताते चले कि “द इंडियन ओपिनियन” ने  “मोदी जी आप कहाँ है? आपके प्यारे देशवासी बेहाल है,परेशान है! देशवासी बहुत उम्मीदों से आपकी ओर ताक रहे है” शीर्षक से खबर को प्रसारित किया था जिसके कुछ देर बाद ही  प्रधानमंत्री का जनता के नाम संबोधन की सूचना आ गयी।



कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित किया पीएम ने देश को सम्बोधित करते हुए कहा है कि देश एक बड़े संकट से गुज़र रहा है और एक बड़ी लड़ाई लड़ रहा है, इस लड़ाई को मज़बूती से लड़ने के लिए मर्यादा का पालन करना ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरषोत्तम भगवान राम की नवमी के दिन पूरी मर्यादा का पालन करें. पीएम ने कहा कि राज्य लॉकडाउन को आख़िरी विकल्प के तौर पर आज़माएं, राज्य सरकारें मज़दूरों में भरोसा जगाए और उन्हें पलायन ना करने दें. पीएम ने कहा कि ये राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वे पलायन ना होने दें. पीएम ने ऑक्सीज़न सप्लाई पर कहा कि ऑक्सीज़न की कमी नहीं होने दी जाएगी. 

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ देश आज फिर बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा है. कुछ सप्ताह पहले तक स्थितियां संभली हुई थीं और फिर ये कोरोना की दूसरी वेव तूफान बनकर आ गई. जो पीड़ा आपने सही है, जो पीड़ा आप सह रहे हैं, उसका मुझे एहसास है।
 

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने बीते दिनो में अपनो को खोया है, मैं सभी देशवासियों की तरफ़ से उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. परिवार के एक सदस्य के रूप में मैं आपके दुख में शामिल हूं. चुनौती बड़ी है, लेकिन हमें मिलकर अपने संकल्प, हौसले और तैयारी के साथ इसको पार करना है।

इस बार कोरोना संकट में देश के अनेक हिस्से में ऑक्सीजन की डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ी है. इस विषय पर तेजी से और पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया जा रहा है. केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, प्राइवेट सेक्टर, सभी की पूरी कोशिश है कि हर जरूरतमंद को ऑक्सीजन मिले. ऑक्सीजन प्रॉडक्शन और सप्लाई को बढ़ाने के लिए भी कई स्तरों पर उपाय किए जा रहे हैं. राज्यों में नए ऑक्सीजन प्लांट्स हों, एक लाख नए सिलेंडर पहुंचाने हों, औद्योगिक इकाइयों में इस्तेमाल हो रही ऑक्सीजन का मेडिकल इस्तेमाल हो, ऑक्सीजन रेल हो, हर प्रयास किया जा रहा है.

पीएम ने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने दिन-रात एक करके बहुत कम समय में देशवासियों के लिए वैक्सीन विकसित की हैं. आज दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन भारत में है. भारत की कोल्ड चेन व्यवस्था के अनुकूल वैक्सीन हमारे पास है. यह एक टीम एफर्ट है, जिसके कारण हमारा भारत, दो मेड इन इंडिया वैक्सीन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू कर पाया. टीकाकरण के पहले चरण से ही गति के साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों तक, जरूरतमंद लोगों तक वैक्सीन पहुंचे. दुनिया में सबसे तेजी से भारत में पहले 10 करोड़, फिर 11 करोड़ और अब 12 करोड़ वैक्सीन के डोज़ेज़ दिए गए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि कल ही वैक्सीनेशन को लेकर एक और अहम फैसला लिया गया है. एक मई के बाद से 18 वर्ष के ऊपर के किसी भी व्यक्ति को वैक्सीनेट किया जा सकेगा. अब भारत में जो वैक्सीन बनेगी, उसका आधा हिस्सा सीधे राज्यों और अस्पतालों को भी मिलेगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सभी का प्रयास, जीवन बचाने के लिए तो है ही, प्रयास ये भी है कि आर्थिक गतिविधियां और आजीविका, कम से कम प्रभावित हों. वैक्सीनेशन को 18 वर्ष की आयु के ऊपर के लोगों के लिए ओपन करने से शहरों में जो हमारी वर्कफोर्स है, उसे तेजी से वैक्सीन उपलब्ध होगी।

“राज्य प्रशासन श्रमिकों में भरोसा जगाए”
पीएम ने कहा कि कहा कि मेरा राज्य प्रशासन से आग्रह है कि वो श्रमिकों का भरोसा जगाए रखें, उनसे आग्रह करें कि वो जहां हैं, वहीं रहें. राज्यों द्वारा दिया गया ये भरोसा उनकी बहुत मदद करेगा कि वो जिस शहर में हैं वहीं पर अगले कुछ दिनों में वैक्सीन भी लगेगी और उनका काम भी बंद नहीं होगा।
 
“युवा साथी कमेटियां बनाकर कोविड अनुशासन का पालन कराने में मदद करें” 
मेरा युवा साथियों से अनुरोध है की वो अपनी सोसायटी में, मोहल्ले में, अपार्टमेंट्स में छोटी छोटी कमेटियां बनाकर कोविड अनुशासन का पालन करवाने में मदद करे. हम ऐसा करेंगे तो सरकारों को न कंटेनमेंट ज़ोन बनाने की ज़रुरत पड़ेगी, न कर्फ़्यू लगाने की, न लॉकडाउन लगाने की।

बाल मित्रों से पीएम ने कही ये हात
प्रधानमंत्री ने संबोधन के दौरान कहा कि मैं अपने बाल मित्रों से एक बात विशेष तौर पर कहना चाहता हूं. मेरे बाल मित्र, घर में ऐसा माहौल बनाएं कि बिना काम, बिना कारण घर के लोग, घर से बाहर न निकलें. आपकी जिद बहुत बड़ा परिणाम ला सकती है. 

“देश को लॉकडाउन से बचाना है” 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि आज की स्थिति में हमें देश को लॉकडाउन से बचाना है. मैं राज्यों से भी अनुरोध करूंगा कि वो लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें. लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है और माइक्रो कन्टेनमेंट जोन पर ही ध्यान केंद्रित करना है।

द इंडियन ओपिनियन के लिए राघवेंद्र मिश्रा के साथ नितेश मिश्रा की विशेष रिपोर्ट

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