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बाराबंकी: शासनादेश में संशोधन कर परिजनों को तत्काल दे मदद- यूटा

बाराबंकी: कोरोना महामारी के बीच कराए गए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने के कारण संक्रमित होकर अपनी जान गवां बैठे शिक्षकों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए सरकार के प्रतिनिधियों के पास एक शब्द नही है, जिसके चलते शिक्षक वर्ग में भारी असंतोष है। यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर की अध्यक्षता में प्रदेश कार्यसमिति की हुई वर्चुअल बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने वायदे के मुताबिक पंचायती राज विभाग की गाइडलाइन में संशोधन करवाकर समस्त मृतक शिक्षकों के परिजनों को 1-1 करोड़ की अनुग्रह राशि तत्काल प्रदान करें। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में हजारों की संख्या में बच्चे अनाथ हो गए है, और सैंकड़ों की संख्या में वृद्ध माता-पिता असहाय हो गए है। उनके समक्ष जीविका का संकट है ऐसे में सरकार अपना नैतिक धर्म निभाये। संगठन ने पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है की सरकार उनको एस्मा रूपी कानून की जंजीर में जकड़कर न्याय की लड़ाई लड़ने से रोक नहीं पाएगी महामारी समाप्त होने पर प्रदेश के लाखों शिक्षक सड़क पर होंगे।

वही दूसरी ओर यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर ने प्रदेश के समस्त पदाधिकारियों के नाम पत्र निर्गत कर उनसे अपील की है कि वे अपने-अपने जनपद के दिवंगत हुये शिक्षकों के घर-घर जाएं और उनके परिजनों को सांत्वना दे। साथ ही आवश्यकता महसूस होने पर नैतिकता के नाते उनकी यथासंभव आर्थिक मदद भी करे। यद्यपि यह ध्यान रहे कि इस सहयोग का ढिंढोरा कदापि न पीटा जाए। वही पदाधिकारियों ने बताया कि कुछ शिक्षक नेताओं ने सरकार के इशारे पर प्रदेश के लाखों शिक्षकों के वेतन से कटौती करवाकर सरकार के माध्यम से उस धनराशि को बतौर अनुग्रह राशि आश्रितों को दिलवाने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें वित्तीय घोटाले की “बू”आ रही है। पदाधिकारियों ने प्रदेश के समस्त लेखाधिकारियों से यह भी अपील की है कि जो शिक्षक अपना सहमति प्रार्थना पत्र उनके समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर दे उसके वेतन से सहयोग राशि काटी जाए, बिना सहमति पत्र के धनराशि काटी गई तो यूटा सम्बन्धित शिक्षक से शिकायती पत्र लेकर उन दोषी अधिकारियों के विरुद्ध वित्तीय घोटाले की तहरीर देगा।

बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों के अतिरिक्त जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार, जिला महामंत्री सत्येन्द्र भास्कर, धर्मेन्द्र वर्मा, पूर्णेश प्रताप सिंह, दीपक मिश्रा, शाकिब किदवई, प्रदीप श्रीवास्तव, राजकपूर आदि पदाधिकारियों ने बैठक में प्रतिभाग किया।

रिपोर्ट- मोहित शुक्ला

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