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19 वर्षों से “आधुनिक गांधी” के प्रयासों से लखनऊ बन रहा है न्यायाधीशों के वैश्विक महाकुंभ का साक्षी, 74 देशों के 285 मुख्य न्यायाधीश व कानूनविद् 8 नवंबर को लखनऊ में कहेंगे “जय हो” The Indian opinion

*देश के रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह, प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल, मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ, प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित, उप-मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, उप-मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा एवं कानून एवं न्यायमंत्री श्री बृजेश पाठक समेत कई गणमान्य हस्तियाँ सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करेंगे।*

लखनऊ, सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तत्वावधान में ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का 20वाँ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ 8 नवम्बर, शुक्रवार से सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में प्रारम्भ हो रहा है। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में प्रतिभाग हेतु विभिन्न देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद के अध्यक्ष, न्यायमंत्री, संसद सदस्य, इण्टरनेशनल कोर्ट के न्यायाधीश एवं विश्व प्रसिद्ध शान्ति संगठनों के प्रमुख समेत 74 देशों के 285 से अधिक मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश व कानूनविद् लखनऊ पधार रहे हैं। यह जानकारी आज यहाँ आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में सिटी मोन्टेसरी स्कूल के संस्थापक, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन के संयोजक डा. जगदीश गाँधी ने पत्रकारों को दी।

डा. गाँधी ने बताया कि 8 से 12 नवम्बर तक आयोजित यह अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51’ पर आधारित है एवं विश्व एकता, विश्व शान्ति एवं विश्व के ढाई अरब से अधिक बच्चों के सुन्दर एवं सुरक्षित भविष्य को समर्पित है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए डा.जगदीश गाँधी ने बताया कि विभिन्न देशों के न्यायविद्, कानूनविद् व अन्य प्रख्यात हस्तियाँ 8 नवम्बर को प्रातः 10.10 बजे लखनऊ पधारेंगे एवं इसी दिन अपरान्हः 12.30 बजे राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में सम्मेलन के प्रथम सत्र का शुभारम्भ करेंगी एवं विभिन्न देशों से पधारे गणमान्य अतिथियों से मुलाकात करेंगी। इसके उपरान्त, विभिन्न देशों से पधारे गणमान्य अतिथि  8 नवम्बर को सायं 7.30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर जायेंगे, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा विभिन्न देशों से पधारे अतिथियों के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया गया है।

9 नवम्बर को प्रातः 9.00 बजे इस ऐतिहासिक सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ मुख्य अतिथि होंगे जबकि समारोह की अध्यक्षता प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित करेंगे। राज्यसभा सदस्य श्री सुधांशु त्रिवेदी इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि होंगे।

उद्घाटन समारोह से पूर्व प्रातः 8.00 बजे विभिन्न देशों के न्यायविद्, कानूनविद् व राष्ट्र प्रमुख सी.एम.एस. छात्रों के ‘विश्व एकता मार्च’ का नेतृत्व करेंगे। इसके अलावा, 9 नवम्बर को ही सायं 5.00 बजे देश-विदेश से पधारे इन गणमान्य अतिथियों के सम्मान में ‘स्वागत समारोह’ का आयोजन किया गया है। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे तथापि महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया इण्टरनेशन क्रिमिनल कोर्ट, नीदरलैण्ड के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री एन्टोनी केसिया-एम.बी.ई. मिन्दुआ को ‘लखनऊ नगर की चाभी’ भेंटकर सम्मानित करेंगी।

डा. गाँधी ने आगे बताया कि लखनऊ पधारने से पूर्व 74 देशों से पधार रहे 285 गणमान्य अतिथि दिल्ली में एकत्रित होंगे एवं 6 नवम्बर को दिल्ली से आगरा के लिए प्रस्थान करेंगे और वहाँ पर ताजमहल समेत अन्य ऐतिहासिक इमारतों का दीदार करेंगे।

6 नवम्बर को ही सायं 7.30 बजे राष्ट्रीय बहाई आध्यात्मिक सभा, नई दिल्ली के तत्वावधान में सभी सम्मानित अतिथियों के लिए स्वागत समारोह एवं रात्रिभोज का आयोजन किया जा रहा है। भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल निशंक इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसके उपरान्त, 7 नवम्बर को प्रातः 10.30 बजे ये सभी नामचीन हस्तियाँ नई दिल्ली में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की समाधि ‘राजघाट’ जाकर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे एवं अपरान्हः 12.30 बजे से नई दिल्ली स्थित कान्स्टीट्यूशन क्लब में सम्मेलन के प्रथम सत्र को सम्बोधित करेंगे। भारत सरकार के रेलमंत्री श्री पियूष गोयल इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसके उपरान्त, ये सभी गणमान्य अतिथि राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद से मुलाकात हेतु राष्ट्रपति भवन जायेंगे। 8 नवम्बर को विभिन्न देशों के न्यायविद्, कानूनविद् व अन्य प्रख्यात हस्तियाँ नई दिल्ली से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे एवं प्रातः 10.10 बजे अमौसी एअरपोर्ट पर पधारेंगे, जहाँ इन प्रख्यात हस्तियों का लखनऊ की सरजमीं पर भव्य स्वागत-अभिनन्दन किया जायेगा।

डा. गाँधी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि लखनऊ की सरजमीं पर विगत 19 वर्षों से लगातार आयोजित किये जा रहे इस ऐतिहासिक सम्मेलन के माध्यम से सिटी मोन्टेसरी स्कूल पूरे विश्व में एकता, शान्ति, न्याय व बच्चों के अधिकारों की अलख जगा रहा है एवं इसी प्रयास को आगे बढ़ाते हुए ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का 20वाँ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ आयोजित किया जा रहा है। डा. गाँधी ने आगे कहा कि लखनऊवासियों के लिए यह गर्व का विषय है कि देश-दुनिया की तमाम प्रख्यात हस्तियाँ लखनऊ का नाम विश्वपटल पर आलोकित करने हेतु यहाँ पधार रही है, जिनमें माननीय एन्थोनी थॉमस अकीनास कार्मोना, फिफ्थ प्रेसीडेन्ट, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, माननीय श्री स्टीपन मेसिक, पूर्व राष्ट्रपति, क्रोएशिया; माननीय डा. पकालिथा बी. मोसिलिली, पूर्व प्रधानमंत्री, लेसोथो; माननीय श्री जीन हेनरी सेंट, प्रधानमंत्री, हैती, माननीय प्रो. एरोन मिशैल ओकाये, संसद अध्यक्ष, घाना, माननीय आर्थुर होल्डर एम.पी., स्पीकर, हाउस ऑफ असेम्बली, बारबडोस, माननीय श्री वायने टेलर, स्पीकर, नेशनल असेम्बली, टर्क्स एण्ड काईकोस, डा. हेक्टर आर्क जैकोनेटा, न्यायमंत्री, बोलीविया, माननीय प्रो. सुश्री रेनाटा डेस्कोस्का, न्यायमंत्री, नार्थ मैसीडोनिया, माननीय श्री गिवेन लुबिन्डा, न्यायमंत्री, जाम्बिया, माननीया सुश्री लियोनार मैग्टोलिस ब्रियोन्स, सेक्रेटरी ऑफ एजूकेशन, फिलीपीन्स, माननीय श्री सिध्रा प्रोम, सेक्रेटरी ऑफ स्टेट, मिनिस्ट्री ऑफ जस्टिस, कम्बोडिया, माननीय खेमलिन कू, डेप्युटी जनरल, मिनिस्ट्री ऑफ जस्टिस, कम्बोडिया, माननीय न्यायमूर्ति श्री दलवीर भंडारी, न्यायाधीश, इण्टरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस, नीदरलैण्ड, माननीय न्यायमूर्ति श्री एन्टोनी केशिया मिन्दुआ, न्यायाधीश, इण्टरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, नीदरलैण्ड, माननीय न्यायमूर्ति जाफरी हेण्डरसन, न्यायाधीश, इण्टरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, नीदरलैण्ड आदि प्रमुख हैं।

इसके अलावा, इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिभाग हेतु 74 देशों से 285 से अधिक मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश, कानूनविद् एवं शान्ति संगठनों के प्रतिनिधि लखनऊ पधार रहे हैं। सम्मेलन के प्रतिभागी देशों में अफगानिस्तान, अल्जीरिया, अंगोला, आर्मेनिया, अजरबैजान, बांग्लादेश, बारबडोस, बेनिन, भूटान, बोलिविया, बोस्निया एण्ड हर्जेगोविना, ब्राजील, बुर्कीना फासो, बुरूण्डी, कैमरून, कम्बोडिया, केप वर्डे, सेन्ट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, कोमोरोस, क्रोएशिया, कांगो, जिबूती, इक्वाडोर, इजिप्ट, इक्वाटोरियल गुनिया, इरीटिया, इश्वातिनी (स्वाजीलैण्ड), फिजी, जर्मनी, घाना, ग्वाटेमाला, गिनिया बिसाऊ, गुयाना, हैती, इजराइल, जमैका, जापान, किर्गिज रिपब्लिक, लेबनान, लेसोथो, लीबिया, मेडागास्कर, मलावी, मॉरीशस, मंगोलिया, मोरक्को, मोजाम्बिक, म्यांमार, नेपाल, नीदरलैण्ड, पेरू, फिलीपीन्स, मैसीडोनिया, सहरावी अरब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक, सेनेगल, सर्बिया, स्लोवेनिया, सोमालिया, साउथ अफ्रीका, साउथ कोरिया, साउथ सूडान, सूडान, सूरीनाम, तंजानिया, थाईलैण्ड, टोगो, त्रिनिदाद एण्ड टोबैगो, टर्क्स एण्ड काईकॉज आइसलैण्ड, युगांडा, यूक्रेन, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, जाम्बिया एवं भारत प्रमुख हैं।

“द इंडियन ओपिनियन” के लिए ,✍️देवव्रत शर्मा की रिपोर्ट