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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की मीटिंग में पाक को नसीहत।

अमेरिका दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मुलाकात की। ये पहला मौका था जब किसी भारतीय मूल की अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने भारतीय प्रधानमंत्री से मुलाकात की है। इस मीटिंग के दौरान कमला हैरिस ने आतंकवाद और इसमें पाकिस्तान की भूमिका का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में कई आतंकी संगठन मौजूद हैं। हैरिस ने पाकिस्तान को नसीहत दी है कि वह आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करे, ताकि ये अमेरिका और भारत की सुरक्षा के लिए खतरा न बनें।
कमला हैरिस ने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर मोदी के बयान पर भी सहमति जताई। साथ ही वह इस बात पर एक राय थीं कि भारत कई दशकों से आतंकवाद का शिकार होता रहा है और अब आतंकी संगठनों को पाकिस्तान से मिल रही मदद पर लगाम लगाने और इस पर कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है।


हैरिस से चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरा और मेरे डेलिगेशन का स्वागत करने के लिए धन्यवाद। कुछ महीने पहले आपसे बातचीत का मौका मिला था। ये वो समय था, जब भारत कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहा था। आपने सहायता के लिए जो हाथ बढ़ाया, उसके लिए आपका शुक्रिया करता हूं।
कमला हैरिस से चर्चा में मोदी ने आगे कहा कि अमेरिका में आपका उपराष्ट्रपति चुना जाना महत्वपूर्ण है। यह दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है। आप और बाइडेन मिलकर भारत-अमेरिका के रिश्ते मजबूत करें। हम आपका सम्मान करना चाहते हैं, मैं आपका भारत में स्वागत करना चाहता हूं। आपकी विजय यात्रा ऐतिहासिक है।
मोदी ने ये भी कहा कि विश्व की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी डेमोक्रेसी के रूप में भारत और अमेरिका नेचुरल पार्टनर हैं। हमारे मूल्यों में समानता है। हमारा तालमेल और सहयोग भी निरंतर बढ़ता जा रहा है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने मोदी का स्वागत करते हुए दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को नई ऊंचाई देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि भारत के इस फैसले से बहुत खुश हूं कि वो फिर से वैक्सीन एक्सपोर्ट करने जा रहा है। वहां अब रोजाना एक करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट किया जा रहा है और यह संख्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में जब कोविड खतरनाक हुआ तो अमेरिका इस मुश्किल वक्त में उसके साथ खड़ा हुआ था।


हैरिस ने सुरक्षा मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि हम दोनों ही हिंद और प्रशांत महासागर में फ्री ट्रेड और फ्री रूट को अहमियत देते हैं और इस दिशा में काम कर रहे हैं। क्लाइमेट चेंज के मुद्दे को भी भारत सरकार गंभीरता से ले रही है। हमें भरोसा है कि दोनों देश मिलकर पीपुल-टु-पीपुल कॉन्टैक्ट बढ़ाएंगे और दुनिया पर इसका अच्छा असर पड़ेगा।
अमेरिकी दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजधानी वॉशिंगटन डीसी में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से मुलाकात की। दोनों देश रीजनल स्कियोरिटी के लिए बने महत्वपूर्ण ग्रुप क्वाड के सदस्य हैं। मोदी और मॉरिसन ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक के साथ-साथ आपसी संबंध मजबूत करने पर भी जोर दिया।
दोनों के बीच रीजनल और ग्लोबल डेवलपमेंट को लेकर भी चर्चा हुई। दोनों ने कोविड-19, ट्रेड, डिफेंस, क्लीन एनर्जी जैसे कई मुद्दों पर मिलकर काम करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ऑफिस से जारी बयान में बताया गया कि मोदी और मॉरिसन ने दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने को कहा।
स्कॉट मॉरिसन ने AUKUS ग्रुप की घोषणा होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी से 15 सितंबर को फोन पर बात की थी। यह तीन देशों का एक ग्रुप है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के अलावा अमेरिका और ब्रिटेन भी शामिल है। अमेरिका और ब्रिटेन इस ग्रुप के तहत ऑस्ट्रेलिया को न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन की टेक्नोलॉजी देने वाले हैं।
स्कॉट मॉरिसन से मुलाकात के बाद शुक्रवार प्रातः काल प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा से मुलाकात की। सुगा और मोदी की यह मुलाकात उसी बिलार्ड होटल में हुई, जहां प्रधानमंत्री मोदी ठहरे हैं। इसके बाद दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत हुई। इसमें दोनों देशों के प्रधानमंत्री भी मौजूद रहे।


मीटिंग के बाद पीएमओ ने सोशल मीडिया पर कहा- दोनों नेताओं के बीच वॉशिंगटन डीसी में अहम बातचीत हुई। इस दौरान ट्रेड और कल्चरल एक्टिविटीज को बढ़ाने पर भी फोकस रहा। क्वॉड मीटिंग में दोनों नेता शुक्रवार देर रात फिर मिलेंगे।
प्रधानमंत्री 24 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से वॉशिंगटन में मुलाकात करेंगे। यह पहला मौका होगा जब दोनों नेता आमने-सामने मुलाकात करेंगे। इसके अलावा शुक्रवार को ही व्हाइट हाउस में क्वाड देशों के नेताओं की बैठक होगी। इसके बाद मोदी न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो जाएंगे और 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित करेंगे।
अमेरिका पहुंचने के बाद भारतीय मूल के लोगों से बातचीत की तस्वीरें प्रधानमंत्री ने खुद शेयर कीं। उन्होंने कहा- हमारे प्रवासी हमारी ताकत हैं। जिस तरह से उन्होंने दुनियाभर में पहचान बनाई है, वह प्रशंसनीय है।
अमेरिका पहुंचने के बाद भारतीय मूल के लोगों से बातचीत की तस्वीरें प्रधानमंत्री ने खुद शेयर कीं। उन्होंने कहा- हमारे प्रवासी हमारी ताकत हैं। जिस तरह से उन्होंने दुनियाभर में पहचान बनाई है, वह प्रशंसनीय है।
मोदी बुधवार सुबह करीब 11 बजे अमेरिका रवाना हुए थे। इस यात्रा के दौरान उनके विमान ने अफगानिस्तान के ऊपर से उड़ान नहीं भरी, बल्कि अमेरिका तक नॉन स्टॉप फ्लाइट के लिए पाकिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल किया गया। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया। इसके चलते मोदी की यात्रा का समय लंबा हो गया, लेकिन उन्होंने इस समय का इस्तेमाल सरकारी कामकाज निपटाने में ही किया और फ्लाइट के अंदर भी काम करते रहे

रिपोर्ट – आर डी अवस्थी

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