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जल्द देश में होंगे 200 से अधिक एयरपोर्ट हेलीपोर्ट के साथ आधुनिक जल यातायात की सुविधाएं -पीएम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगभग 254 करोड की लागत से निर्मित कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयेाजित कार्यकम को सम्बोधित करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व भर के बौद्ध समाज के लिए भारत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि आज कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की यह सुविधा, उनकी श्रद्धा को अर्पित पुष्पांजलि है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति से लेकर महापरिनिर्वाण तक की संपूर्ण यात्रा का साक्षी यह क्षेत्र आज सीधे दुनिया से जुड़ गया है। उन्होनेे कहा कि श्रीलंकन एयरलाइंस का जहाज कुशीनगर में उतरना इस पुण्य भूमि को नमन करने की तरह है। देश सबका साथ और सबका प्रयास की सहायता से सबका विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुशीनगर का विकास, उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। कुशीनगर का इंण्टरनेशनल एयरपोर्ट दशकों की आशाओं और अपेक्षाओं का परिणाम है।

प्रधानमत्री ने कहा कि यह क्षेत्र सिर्फ भारत के अनुयायियों के लिये ही नही बल्कि देश के सभी नागरिको के लिये भी बहुत बड़ा श्रद्धा व आर्कषण का केन्द्र बनने जा रहा है। कुशीनगर इंण्टरनेशनल एयरपोर्ट एयर कनेक्टविटी का माध्यम बनने के साथ साथ किसान, पशुपालक, दुकानदार, श्रमिक, उद्यमी को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सबसे ज्यादा लाभ यहां के टूरिज्म, ट्रेवल टैक्सी, होटल रेस्टोरेन्ट, छोटे छोटे बिजनेस वालों को मिलेगा तथा इस क्षेत्र के युवाओं के लिए भी रोजगार के नये अवसर बनेगे। उन्होने कहा कि पर्यटन किसी भी स्वरूप में हो आस्था एवं आनन्द के लिए है, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर इसके लिये बहुत ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि रेल, रोड, एयरवेज, वाटरवेज, इन्फ्रास्ट्रक्चर का यह पूरा स्ट्रक्चर, इसके साथ साथ होटल, हास्पिटल, इंटरनेट मोबाइल कनेक्टिविटी, सफाई व्यवस्था, सीवरेज ट्रीटमेन्ट का प्लान्ट यह अपने आप में इन्फ्रास्ट्रक्चर है, स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने वाली रिन्यूवल एनर्जी आपस में एक दूसरे के साथ जुड़े हुए है। टूरिज्म बढ़ाने के लिए इन सभी का एक साथ कार्य करना जरूरी है। आज 21वीं सदी का भारत इसी एप्रोच के साथ आगे बढ़ रहा है। टूरिज्म के क्षेत्र में अब एक नया पहलू भी जुड़ गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन में भारत के तेज गति एवं प्रगति से दुनिया मे एक विश्वास पैदा होगा। उन्होने कहा कि टूरिज्म के रूप में किसी काम काज से भारत जाना जाता है तो भारत व्यापक रूप से वैक्सीनेटेड है। इसलिये वैक्सीनेटेड कन्ट्री के नाते भी दुनिया के पर्यटको के लिये एक आश्वस्त व्यवस्था, यह उनके लिये एक कारण बन सकता है। एयर कनेक्टविटी को देश में उन लोंगो तक उन क्षेत्रों तक पहुचाने पर जोर दिया जिसके बारे में सोचा भी नही था, इसी लक्ष्य के साथ उड़ान योजना को 4 साल पूरे हो रहे है, उड़ान योजना के बीते सालों मे 900 से अधिक रूटों को स्वीकृति दी जा चुकी है तथा इनमें 350 से अधिक पर हवाई सेवा शुरू भी हो चुकी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले 3-4 सालो मे कोशिश यह है कि 200 से अधिक एयरपोर्ट, हेलीपैड, और सी-प्लेन की सेवा देन वाले वाटर ड्रोन की नेटवर्क भी देश मे तैयार हो। बढ़ती हुई इन सुविधाओं के बीच एयरपोर्ट पर भारत का सामान्य मानवीय चेहरा दिखने लगा है। मध्यम वर्ग के ज्यादा से ज्यादा लोग अब हवाई सेवा का लाभ ले रहे है। उड़ान योजना के तहत उ0प्र0 में भी कनेक्टविटी लगातार बढ़ रही है। उ0प्र0 में नये एयरपोर्ट से फ्लाईट शुरू हो चुकी है। लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर के बाद जेवर मे भी इंण्टरनेशनल एयरपोर्ट पर तेजी से काम चल रहा है। इसके अतिरिक्त अयोध्या, अलीगढ़, आजमगढ़, श्रावस्ती, चित्रकुट, मुरादाबाद मे भी नये एयरपोर्ट पर तेजी से काम चल रहा है। उ0प्र0 के अलग-अलग अंचलो में हवाई मार्ग से कनेक्टविटी बहुत जल्द मजबूत हो जायेगी। इससे घरेलू यात्रियों, श्रद्धालुओं को बहुत सुविधा होने जा रही है।


प्रधानमंत्री कहा कि देश का एविएशन सेक्टर प्रोफेशनली चले, सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता मिले इसके लिए हाल ही में एयर इंण्डिया से जुड़ा कदम देश ने उठाया है। यह कदम भारत के एवियेशन सेक्टर को एक नई उर्जा देगा। भारत के युवाओं को यही बेहतर ट्रेनिंग मिले इसके लिये देश के 5 एयरपोर्ट में नई फ्लाइंग एकेडमी स्थापित करने हेतु प्रक्रिया शुरू की गयी है। ट्रेनिंग के लिये एयरपोर्ट के उपयोग से जुड़े नियमों को भी सरल किया गया है। भारत द्वारा हाल में बनाई गयी ड्रोन नीति भी देश में कृषि से स्वास्थ्य तक डिजास्टर मैनेजमेंट से लेकर डिफेंस तक जीवन को बदलने वाली है। ड्रोन की मैनुफेक्चरिंग से लेकर ड्रोन फ्लाइंग से जुड़ा ट्रेन्ड मैन पावर तैयार करने के लिये भारत में सिस्टम विकसित किया जा रहा है। सारी योजना तेजी से आगे बढ़े किसी तरह की कोई रूकावट न हो इसके लिये प्रधानमंत्री गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान भी लान्च किया गया है। इससे गर्वनेंस में सुधार आयेगा यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि सड़क, रेल, हवाई जहाज एक दूसरे को सपोर्ट करे और क्षमता बढ़ाये। भारत में हो रहे निरन्तर रिर्फाम का ही परिणाम है कि भारतीय सिविल एविएशन सेक्टर में 1000 नये विमान जुड़ने का अनुमान लगाया गया है। आजादी के अमृत काल में भारत का एविएशन सेक्टर राष्ट्र की गति और राष्ट्र की प्रगति का प्रतीक बनेगा, उ0प्र0 की उर्जा भी उसमें शामिल होगी।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वी उ0प्र0 आजादी के बाद लगातार उपेक्षित था। इसके विकास की एक नई उड़ान को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री जी का आशीर्वाद व सानिध्य पूर्वी उ0प्र0 के 5 करोड़ से अधिक नागरिको को प्राप्त हो रहा है। हम सब का सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री बनने के साथ प्रधानमंत्री जी ने बौद्ध सर्किट की इस परिकल्पना को साकार करना प्रारम्भ कर दिया और आज उसका परिणाम है कि बौद्ध सर्किट न केवल सड़क मार्ग बल्कि वायु मार्ग से भी जुड गया है। इस क्रम अन्र्तराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन प्रारम्भ हो चुका है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 से लेकर 2014 तक उ0प्र0 में केवल 2 एयरपोर्ट फंक्शनल थे पहला लखनऊ व दूसरा वाराणसी, उ0प्र0 की कनेक्टविटी उस समय मात्र 15 से 16 स्थानों के लिये थी और आज प्रधानमंत्री के कर कमलो से इस एयरपोर्ट का लोकार्पण होने जा रहा है। यह प्रदेश का 9वा फंक्शनल एयरपोर्ट होने जा रहा है। उ0प्र0 75 गंतब्य स्थानों पर वायु सेवा के साथ सीधे जुड़ जायेगा और उड़ान योजना के अन्तर्गत हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की यात्रा कर सकता है। अब उ0प्र0 के अन्दर एयर कनेक्टविटी हर एक शहर के साथ जुड़ी है और विकास की ढेर सारी योजनाओं को अपने साथ लेकर आ रही है। कुशीनगर देश का तीसरा अन्र्तराष्ट्रीय हवाई अड्डा है और वर्तमान में उ0प्र0 में 11 नये एयपोर्ट पर कार्य हो रहा है जिसमें 2 अन्र्तराष्ट्रीय एयरपोर्ट अयोध्या तथा नोएडा में निर्माण की कार्यवाही युद्ध स्तर पर आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री जी के मार्ग दर्शन में न केवल हमें उ0प्र0 के विकास को बल्कि पर्यटन सुविधाओं को आगे बढ़ाने के लिए और उसके माध्यम से रोजगार की सम्भावनाओं को विकसित करने का हमारे लिये एक सशक्त माध्यम बना है।
इस अवसर पर केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सभी का स्वागत करते हुये एयरपोर्ट की विशेषताओ के बारे मे बताया।,
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल सहित केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण एंव जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – गोविंद पटेल, कुशीनगर

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